हाफिजगंज। गांव मटकुला की होलिका में हर साल आग लगाने वाले दीपांकर मिश्रा ने इस बार तंगी की वजह से त्योहार से पहले ही गांव के बाहर एक पेड़ से लटककर जान दे दी। दरअसल, आंध्र प्रदेश में की गई मजदूरी ठेकेदार ने हड़प ली थी, पुलिस से की शिकायत भी बेअसर रही। ठेकेदार ने त्योहार पर पांच हजार रुपये देने का वादा किया, लेकिन पूरा नहीं किया। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
गांव मटकुला निवासी वीना देवी ने बताया कि उनके पति 28 वर्षीय दीपांकर मिश्रा मजदूरी करते थे। वह गांव की होलिका में आग भी लगाते थे। पिछले माह ठेकेदार के कहने पर गांव के चार अन्य लोगों के साथ वह मजदूरी करने आंध्र प्रदेश गए थे। वहां काम करने के दौरान जब उन्होंने संबंधित कंपनी के मालिक से रुपये मांगे तो उसने साफ इन्कार कर दिया। बताया कि जो ठेकेदार तुम लोगों को लेकर आया है, वह मार्च तक काम कराने का ढाई लाख रुपये भुगतान ले गया है। दीपांकर समेत अन्य मजदूरों ने ठेकेदार से बात की, लेकिन उसने टालमटोल कर दी।
इसके बाद सभी मजदूर कंपनी मालिक की खुशामद कर वहां से लौट आए। इन सभी ने 24 फरवरी को हाफिजगंज थाने में तहरीर देकर ठेकेदार पर कार्रवाई और अपनी मजदूरी दिलाने की मांग की। दीपांकर मिश्रा ने 28 फरवरी को जनसुनवाई पोर्टल पर भी ठेकेदार की शिकायत की थी। इधर, पत्नी के कहने पर होली के सामान व कपड़ों के लिए दीपांकर ने फिर ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने भरोसा दिया कि पांच हजार रुपये उनके खाते में डाल रहा है। दीपांकर रुपये निकालने के लिए जनसेवा केंद्र हरहरपुर मटकली पहुंचे। वहां काफी इंतजार किया। शाम तक रुपये नहीं पड़े तो वह परेशान हो गया। घर लौटते समय रास्ते में चकरोड किनारे लगे जामुन के पेड़ से फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली। जब लोगो ने उसके शव को लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव उतरवाकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा।
पुलिस को शव के पास से मिले सुसाइड नोट में टूटी-फूटी हिंदी में दीपांकर ने लिखा है ठेकेदार उसे रुपये नहीं दे रहा है। गांववालों और दुकान के सामान का करीब 30 हजार रुपये उस पर कर्ज हो गया है। वह काफी परेशान है। उसने पत्नी के साथ झगड़े का भी जिक्र किया है। लिखा है कि पत्नी भी उसे दहेज एक्ट में फंसाने की धमकी दे रही है। उसने लिखा है कि उसके बच्चों को परेशान न किया जाए।
मजदूरों ने पोर्टल पर ठेकेदार की शिकायत की थी, जिसकी जांच चल रही थी। सुसाइड नोट में ठेकेदार के साथ ही पत्नी पर भी आरोप लगाए गए हैं। इसकी जांच की जा रही है। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी
सोमवार को तीन गांव की होली में आग नहीं लग सकी। मटकुला के साथ ही नवदिया, बमनपुरी की होलिका में भी दीपांकर आग लगाते थे। नवदिया के प्रधान ने बताया कि सोमवार रात ही तीनों गांवों की होलिका में दीपांकर को आग लगानी थी। उनकी मौत से गांव में मातम है। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से उनके शव का अंतिम संस्कार किया है। अब नए व्यक्ति को खोजकर बुधवार सुबह होलिका दहन कराया जाएगा।
दीपांकर की पत्नी बीना ने इस बात से इन्कार किया कि उनकी पति से कोई अनबन थी। कहा कि उन लोगों का करीब आठ साल का साथ था। कभी ऐसा झगड़ा नहीं हुआ जो पड़ोसी या रिश्तेदार पंचायत कराते। उन्होंने सुसाइड नोट में अपने नाम के जिक्र पर हैरत जताई। बताया कि उनके चार छोटे बच्चे हैं। इनमें तीन पुत्र व एक पुत्री है। यह बात जरूर थी कि पति की मजदूरी न मिलने से घर में रुपयों की किल्लत थी। बच्चों के दूध का भी जुगाड़ नहीं हो पा रहा था। पति की परेशानी देखकर उन्होंने भी फोन पर ठेकेदार से बात की थी। बावजूद ठेकेदार गुमराह करता रहा।