बरेली। दिल्ली से नैनीताल आने-जाने वाले हजारों वाहन मिनी बाईपास होकर गुजरते हैं। नवीनीकरण के लिए यह सड़क उखाड़ दी गई है। इसके बनने में दो माह लगेंगे। तब तक धूल और जाम झेलते रहिए। इससे कर्मचारी नगर और आसपास रहने वाले हजारों लोग परेशान हो रहे हैं। धूल और वाहनों के धुएं से लोग बीमार भी हो रहे हैं।
किला पुल से उतरने के बाद जब मिनी बाईपास पहुंचेंगे तो दाहिनी ओर फोरलेन सड़क है। इसी सड़क के तीन किलोमीटर हिस्से का नवीनीकरण 18 फरवरी को शुरू किया गया है। लोक निर्माण विभाग ने पुरानी सड़क को उखाड़ दिया है। इससे आवागमन में दिक्कत हो रही है। ट्रैफिक अधिक होने पर कुछ स्थानों पर जाम भी लग रहा है। आसपास के दुकानदार उड़ती धूल की वजह से परेशान हो रहे हैं। पीडब्ल्यूडी धूल रोकने के लिए पानी का छिड़काव भी नहीं करा रहा है। दुकानदार अमन खन्ना ने बताया कि दिन भर धूल उड़ती है। पानी का छिड़काव हमें खुद करना पड़ता है।
कोट
जलभराव होने से सड़क के कई हिस्से बारिश में टूट जाते थे। जलभराव वाले स्थानों पर अबकी बार सीसी रोड बनाई जा रही है। शेष हिस्से में डामर रोड बनेगी। अप्रैल के अंत तक निर्माण पूरा हो पाएगा।
नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निमार्ण विभाग
कैंट में ऐसा हुआ पैचवर्क...उखड़ गई सड़क, फैल गई बजरी
फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। कैंट की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए पैचवर्क कराया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में बजरी बिखर गई। गड्ढे हादसे को वावत दे रहे हैं, वहीं वाहनों के गुजरने पर गिट्टियां भी उछलती हैं।
बीआई बाजार, सदर बाजार व जंक्शन मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। कैंट के नागरिकों और व्यापारियों ने सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पैचवर्क कराया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में फिर से गड्ढे बन गए। कैंट के नागरिक कहते हैं कि कई जगह नालियां भी टूटी हैं। समस्याओं को चिह्नित कर उनका समाधान कराया जाए तो स्मार्ट सिटी की तरह कैंट का भी विकास हो जाएगा।
कैंट बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक कैंट क्षेत्र की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए काम शुरू हो चुका है। नटराज टाकीज के सामने की सड़क कैंट बोर्ड के अंतर्गत नहीं आती है। इसलिए उसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है।
कोट
आवागमन में सुविधा तभी होती है, जब सड़कें ठीक हों। दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट भी लगी हों, लेकिन यहां तो स्थिति एकदम विपरीत है। - एएच अहमद
फूलबाग चौराहा की सड़क खराब है। दूसरी सड़कें भी ठीक नहीं हैं। नागरिक सुविधाओं का ध्यान रखते हुए उनकी मरम्मत कराई जाए। - धर्मवीर यादव