बरेली। आम लोगों के मामले में बेधड़क होकर बुलडोजर चलाने वाले बीडीए अफसरों की बिहारमान नगला में अपनी करीब 20 करोड़ कीमत की जमीन से सत्ता से जुड़े लोगों का कब्जा हटाने में सांसें फूल गईं। प्रशासन की मदद लेकर बीडीए अफसरों ने जैसे-तैसे कब्जा तो हटा दिया लेकिन कब्जा करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इस पर सवाल उठने शुरू हुए तो फोन भी रिसीव करने बंद कर दिए।
नगर भूमि सीमारोपण विभाग के गाटा संख्या 825 के अंतर्गत पीलीभीत बाईपास पर बिहारमान नगला में 7715 वर्ग मीटर भूमि पर पांच बड़े बिल्डर और कुछ नेताओं ने मिलकर कब्जा कर लिया था। इनमें भाजपा के नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ जमीन पर कमरे बन चुके थे तो कुछ हिस्से में बुनियाद और बाउंड्रीवाल बनाई जा रही थी। लंबे समय से यहां अवैध कब्जा चल रहा था लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। फिर बृहस्पतिवार को तहसीलदार गौतम सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार, वीपी सिंह आदि बीडीए की प्रवर्तन टीम के साथ बिहारमान नगला पहुंचे। फिर बीडीए के बुलडोजर ने वहां बने पक्के निर्माण ध्वस्त कर दिए। बीडीए ने इससे पहले भी इसी क्षेत्र में 5602 वर्ग मीटर जमीन कब्जा मुक्त कराई थी। इस जमीन की कीमत भी लगभग 12 करोड़ थी।
वीडियो वायरल... दो-चार मौतें हो जाएंगी
बताया जा रहा है कि बीडीए की इस जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों में एक पूर्व विधायक का बेटा भी शामिल है। बीडीए की कार्रवाई के बाद वह गुस्से में जमीन पर पहुंचा और गालियां देते हुए कहा कि अब दो-चार की मौत होनी है, जो होगा देखा जाएगा। यह वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।