कृष्णा वेलफेयर सोसाइटी ने भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। उच्च न्यायालय ने 14 मार्च 2017 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया। यह आदेश महंत संजीव गौड़ के खिलाफ आया, जो भूमि पर अपना दावा साबित नहीं कर पाए। बीडीए अब इस आदेश के तहत शेष अवैध निर्माण को हटाने की तैयारी में है।
बीडीए सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया कि अभी भी पार्क की भूमि पर तीन मंजिला भवन बनाकर रखा गया है। जिसको दिवाली के बाद गिराया जाएगा। महंत संजीव गौड़ कई बार कोर्ट में मुकदमा हार चुके हैं। जिसके बाद उनको पार्क की भूमि को कब्जे से खाली करना होगा। कोर्ट व प्रशासन के आदेश पर बीडीए कार्रवाई करेगा।