चिकनपॉक्स ने शहर में पैर पसारना शुरू कर दिया है। त्रिवटीनाथ मंदिर स्थित बीडीए कालोनी में करीब 12 घराें के बच्चे इसकी चपेट में आ गए हैं। कुछ ठीक हो चुके हैं जबकि कई अब भी बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग जानकारी होने से इनकार कर रहा है।
सर्दी जुकाम के बाद अचानक बुखार आना और उसके बाद शरीर में दाने निकलना, यह चिकनपॉक्स के लक्षण हैं। त्रिवटीनाथ मंदिर के पास स्थित बीडीए कालोनी के पास ईडब्ल्यूएस क्वाटर में चिकनपॉक्स फैला है। यहां रहने वाले एक स्कूल में कार्यरत अशोक शर्मा के तीन बच्चे हर्षित (10), अनुराग (12) और शिखा (15) चिकनपॉक्स से पीड़ित हैं। हालांकि हर्षित ठीक हो चुका है। इसी कालोनी की शानू (13), अक्षत (16), तृशा (12), बिट्टू (14), आशी (12) भी बीमारी के चलते घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। अशोक शर्मा ने बताया कि इलाके में सफाई व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन पानी की सप्लाई गंदी है। कभी-कभी काफी पीला पानी आता है।
संक्रामक बीमारी लेती है चपेट में
चिकनपॉक्स एक ऐसी बीमारी है जो फैलती है। एक घर में अगर किसी को चिकनपॉक्स हुआ तो दूसरे को हो यह संभव है इसलिए एहतियात बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वीके धस्माना ने कहा कि जिसे भी चिकनपॉक्स हो उसका कमरा अलग कर दें। खुली हवा जरूरी है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने से होती है बीमारी
डॉक्टर बताते हैं कि चिकनपॉक्स में छाती, सीने में दाने होते हैं। स्माल पॉक्स टीकाकरण के चलते अब नहीं होता। खसरा में छोटे-छोटे दाने होते हैं। वायरल इंफेक्शन में दाने नहीं निकलते। अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता घटेगी तो यह बीमारी होगी इसलिए सर्दी जुकाम होते ही ख्याल रखें। पानी खूब पिएं। गर्म से ठंड और ठंड से गर्म में न जाएं। दाने दिखते ही बिस्तर और गंदगी से दूरी बनाएं।