नेपाल संक्रमण काल से गुजर रहा है। पुरानी चीजें हटीं हैं, नई व्यवस्था की स्थापना होना है। कह सकते हैं कि थोड़ा बदलाव हुआ मगर अभी बहुत कुछ बदलने की जरूरत है। जो व्यवस्था अभी बनी है वह पूरी तरह जनता के अनुकूल नहीं है।
यह कहना है नेपाल के पूर्व गृह राज्य मंत्री मोहम्मद रिजवानुल रहमान का। वह यहां दरगाह आला हजरत पर हाजरी देने आए हुए थे। इस दौरान उन्होंने प्रेस से बात की। उन्होंने अपनी बात के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए कहा कि धर्म निर्पेक्षता आई है, गणतंत्र बहाल हुआ है, संघीयता आई है। फिर भी संविधान में पहले के बहुत से कानून हैं तो अभी भी बदले नहीं गए हैं। जिसे लेकर जनता में बेचैनी है। भारत नेपाल रिश्तो पर साफ कहा कि भारत नेपाल असल दोस्त हैं। पहले भी थे अब भी हैं। उन्होंने कहा जब भी वहां की जनता ने आंदोलन किया भारत के लोगों का हमेशा सहयोग मिला। अलबत्ता इतना जरूर कहा कि दलित, मद्धेसियों, मुस्लिमों और जन जाति के लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पूर्व में उन्होंने दरगाह शरीफ पर चादर पेश की। उसके बाद ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां), शहर काजी मौलाना असजद रजा खां से मुलाकात की। इस दौरान नासिर कुरैशी, कांग्रेस नेता अमजद सलीम, इमरान बेग, खलील कादरी आदि मौजूद रहे। यहां से वह आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां से उनके निवास पर मिलने पहुंचे। यहां पर डा. नफीस खां, मुनीर इदरीसी, नदीम खां, अफजाल बेग, प्रधान शमशाद आदि मौजूक रहे।