बीसलपुर रोड पर कमुआ स्थित गंगाशील आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल में बीएएमएस का रिजल्ट महज 18 फीसदी ही रहा। बाकी 82 फीसदी छात्र न केवल फेल हो गए बल्कि उनकी इयरबैक लगी है। इससे परेशान छात्र शुक्रवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलसचिव से मिले और रिजल्ट पर आपत्ति दर्ज कराई। छात्रों का कहना है कि उनको जानबूझकर फेल किया गया है।
ये छात्र वर्ष 2014-15 फर्स्ट बैच के छात्र हैं, जिनका रिजल्ट हाल ही में रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने जारी किया। पहले कालेज कानपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध था लेकिन वहां से रिजल्ट जारी होता, उससे पहले ही पिछले साल शासन ने प्रदेश के सारे मेडिकल कालेज क्षेत्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध किए जाने का फरमान जारी कर दिया था। इसके बाद यह मेडिकल कालेज भी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गया। इसके चलते इनका रिजल्ट संबद्धीकरण की प्रक्रिया के विलंब के चलते 2015-16 के बैच में जारी हो सका। कुलसचिव डॉ. साहिबलाल मौर्य से मिले छात्रों ने अपने भविष्य का तर्क देकर तीन सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री और 10 नंबर का ग्रेस मार्क्स देने की मांग की। कुलसचिव ने इसका तो कोई आश्वासन नहीं दिया लेकिन छात्रों से कहा कि अगर वह कापियां देखना चाहें तो विश्वविद्यालय दिखाने को तैयार है। छात्रों के साथ छात्र नेता अजय कुमार, उपेंद्र पटेल, जोगेंद्र पटेल, रजत मिश्रा, आजम खान, सौरभ मिश्रा आदि रहे।
मूल्यांकन गलत नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय छात्रों को कापियां दिखाने को तैयार है। वे जब चाहें देख लें।
-डॉ. साहिबलाल मौर्य, कुलसचिव
रिजल्ट विश्वविद्यालय जारी करता है इसलिए यह विश्वविद्यालय और छात्रों के बीच का मामला है। अगर छात्रों के साथ अन्याय हुआ है तो विश्वविद्यालय को न्याय करना चाहिए।
-डॉ. निशांत गुप्ता, निदेशक- गंगाशील मेडिकल कालेज