कर्नाटक की बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को ‘लंपी प्रोवैक इंड’तकनीक हस्तांतरित कर दी गई है। इसके बाद से उम्मीद से जाग गई है कि जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।
दुधारू पशुओं को लंपी डिजीज वायरस से बचाने के लिए जल्द वैक्सीन का उत्पादन शुरू होगा। शुक्र वार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की वाणिज्यिक शाखा नई दिल्ली में आयोजित समारोह में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार के वैज्ञानिकों ने लंपी-प्रोवैक इंड तकनीक बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड कर्नाटक को हस्तांतरित की।
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आईसीएआर के महानिदेशक एवं डेयर के सचिव डॉ. हिमांशु पाठक ने वैक्सीन के विकास के लिए वैज्ञानिकों के प्रयास की सराहना करते हुए कंपनी के मानकों के अनुरूप वैक्सीन का उत्पादन किए जाने की जानकारी दी। पशु विज्ञान के महानिदेशक डॉ. बीएन त्रिपाठी ने जल्द वैक्सीन उत्पादन शुरू करने को कहा। आईवीआरआई निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि वैक्सीन की प्रतिरोधी क्षमता करीब साल भर तक रहेगी।