फरीदपुर इलाके में भी खामोशी से चल रहा धंधा
जिले का फरीदपुर व फतेहगंज पूर्वी इलाका भी स्मैक के धंधे के लिए चर्चित है। कुछ साल पहले फतेहगंज पूर्वी में एक प्रधान के यहां से स्मैक का जखीरा बरामद हुआ था। फरीदपुर का एक लाख का इनामी तस्कर तैमूर उर्फ भोला और उसके भाई भी इसी धंधे में लगे थे। तैमूर के जेल जाने के बाद भी परिवार के लोग धंधे को चला रहे हैं।
फरीदपुर में वर्कशॉप चलाने वाला उसका रिश्तेदार व बेहरा निवासी भाई-भतीजे आज भी बड़ी डील कर रहे हैं। एएनटीएफ व अन्य एजेंसियां इनकी धरपकड़ करती रहती हैं पर स्थानीय पुलिस कभी इन पर हाथ नहीं डालती। बारादरी थाने में इनके खिलाफ पिछले दिनों दर्ज मुकदमे को खुर्दबुर्द करने की तैयारी की जा रही है।
गुर्गे संभाल रहे काम
कुछ साल में फतेहगंज पश्चिमी समेत जिले के कई स्मैक तस्करों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। कल्लू डॉन व नन्हे लंगड़ा अब भी जेल में हैं। पिट एनडीपीएस एक्ट की वजह से इन्हें सालभर जेल में रहना है। नन्हे लंगड़ा के रिश्तेदार ने राजनीतिक सांठगांठ से माहौल साधने का काम किया है। सूत्र बताते हैं कि अब उनके गुर्गे स्मैक की तस्करी कर रहे हैं।
बिथरी चैनपुर में एक आरोपी गिरफ्तार
बिथरी चैनपुर थाना पुलिस ने स्मैक तस्करी के एक आरोपी को गिरफ्तार कर उससे 187 ग्राम स्मैक बरामद की है। बीसलपुर रोड पर अहिरोला गांव के पास शुक्रवार सुबह गश्त करने के दौरान पुलिस को एक बाइक सवार आता दिखा। उसे रोकने का इशारा किया, तो भागने लगा। पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम तस्लीम निवासी मेहतरपुर करोड़ बताया। उसके पास से 13,930 रुपये भी मिले हैं। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि जिले में पिछले दिनों स्मैक तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की गई थी। प्रदेश में सबसे पहले बरेली पुलिस ने ही दो तस्करों कल्लू व नन्हे लंगड़ा पर पिट एनडीपीएस लगाया है। बड़े तस्कर जेल में हैं। फतेहगंज पश्चिमी व फरीदपुर समेत जिलेभर में स्मैक तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अन्य तस्करों व उनके गुर्गों को भी जेल भेजा जाएगा।