देर रात घोषित हुआ आईईएस 2020 का परीक्षा परिणाम, देश भर में थीं 15 सीटें
बरेली। शहर की ग्रेटर ग्रीन पार्क कॉलोनी में रहने वाली ईशा स्वरूप ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) की इंडियन इकोनॉमिक्स सर्विस (आईईएस) 2020 की परीक्षा में पहली रैंक हासिल की है। शुक्रवार देर रात परिणाम घोषित होते ही ईशा के परिवार में जश्न शुरू हो गया। ईशा ने यह उपलब्धि पहले ही प्रयास में हासिल की है।
ईशा कर्नल अभय स्वरूप और मधुलिका स्वरूप की बेटी हैं। कर्नल अभय के मुताबिक ईशा ने प्रारंभिक पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल बरेली में की है। एमए इकोनॉमिक्स की परीक्षा दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पास करने के बाद वह डाटा साइंटिस्ट के पद पर कार्य कर रही हैं। आईईएस 2020 की परीक्षा में देश भर में 15 सीट थीं जिनमें ईशा को पहली रैंक मिली है। ईशा की मधुलिका स्वरूप बरेली में चार स्कूल चला रही हैं जिनकी स्थापा ईशा के परदादा स्वर्गीय डॉ. श्याम स्वरूप ‘सत्यव्रत’ ने की थी। उनका पैतृक निवास मोहल्ला जकाती में है लेकिन अब परिवार ग्रेटर ग्रीन पार्क में रह रहा है।
सफलता के लिए मेहनत और दिलचस्पी जरूरी
ईशा कहती हैं कि यूपीएससी की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन का होना बेहद जरूरी है। ज्यादातर परीक्षार्थी काफी मेहनत करते हैं लेकिन कहीं न कहीं लगन और विषय के प्रति रुचि न होने से अच्छे अंक हासिल नहीं कर पाते। अपनी कामयाबी का श्रेय मम्मी-पापा और बड़ी बहन नेहा को देते हुए ईशा ने कहा कि उन्हें इकोनॉमिक्स में शुरू से ही रुचि थी। इसी विषय के साथ उन्होंने बैचलर और मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की थी। उनकी ख्वाहिश आईईएस में चयनित होकर देश की सेवा करने की थी। एक फौजी की तरह उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया था और पहले प्रयास में सफल हुईं।