लाठी-डंडों से हमला कर छुड़ाया, एक सिपाही और होमगार्ड घायल
सीओ के साथ पहुंचा थाने का फोर्स हमलावर भागे, तीन हिरासत में
बहेड़ी। नजरगंज गांव में अपने विरोधी के घर के आगे कपड़े उतारकर बैठे युवक को पकड़ने देर रात पहुंची पुलिस पर लाठी-डंडों के साथ लोगों ने हमला कर दिया। पुलिस के साथ धक्कामुक्की और पथराव कर आरोपी को छुड़ा लिया। पथराव में एक सिपाही और एक होमगार्ड घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस की जिप्सी के शीशे भी तोड़ दिए। बाद में सीओ के साथ पहुंचे फोर्स ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
नजरगंज गांव के मनोज दिवाकर और कुंवरपाल के बीच कई साल से विवाद है। मनोज ने कुंवरपाल के खिलाफ डेढ़ साल पहले एससी-एचटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था जिसमें पुलिस ने एफआर लगा चुकी है। इसके बाद भी वह दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए शिकायत करता रहता था। मंगलवार शाम वह पूरी तरह कपड़े उतारकर कुंवरपाल के घर के आगे बैठ गया। देर शाम तक लोग उसे समझाते रहे लेकिन वह नहीं हटा। बीट का सिपाही भी उसे समझाने गया लेकिन वह नहीं माना।
देर रात इंस्पेक्टर क्राइम संजय कुमार, एसएसआई मनोज मिश्रा टीम के साथ एक जिप्सी और थाने की जीप लेकर गांव पहुंचे। पहले मनोज को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। रात करीब साढे़ नौ बजे पुलिस मनोज को उठाकर जिप्सी में बैठाने लगी। इसी बीच आरोपी के परिवार और गांव के लोग लाठी डंडे लेकर आ गए और पुलिस को घेर लिया। सिपाही अंकुर कुमार और होमगार्ड लक्ष्मेंदर पर हमला कर मनोज को छुड़ा ले गए।
एसएसआई मनोज मिश्रा ने चेतावनी दी तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस की जिप्सी के शीशे तोड़ दिए। एसएसआई को भीड़ ने घेर लिया तो उन्होंने अपनी पिस्टल निकाल ली। सूचना पर थाने का पूरा फोर्स गांव रवाना किया गया। पुलिस ने हमलावर एक महिला और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। पुलिस बल के पहुंचने से पहले ही हमला करने वाले लोग घरों को खुला छोड़ भाग गए। देर रात तक पुलिस फोर्स गांव में ही था।
पुलिस टीम पर हमला करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। सभी की शिनाख्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। - अजय गौतम, सीओ बहेड़ी