बरेली की ग्राम पंचायत सरदारनगर में सोमवार शाम ओवरहेड टैंक गिरने से पांच लोग घायल हो गए थे। घटना के वक्त ये लोग टंकी से कुछ दूरी पर बैठे थे। घायलों ने बताया कि अचानक तेज आवाज आई और पलभर में वह मलबे में दब गए।
बरेली के आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदारनगर में ओवरहेड टैंक गिरने से हुए हादसे में घायल पांच ग्रामीणों को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया तो मामूली घायल तीन लोगों को गांव में ही उपचार दे दिया गया। सोमवार रात में डीएम भी घायलों का हाल देखने अस्पताल पहुंचे। घायलों ने हादसे की जानकारी दी कि किस तरह पलक झपकते ही वह लोग मलबे में दब गए।
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ग्राम पंचायत सरदारनगर में 3.62 करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ साल पहले बना 60 फुट ऊंचा ओवरहेड टैंक सोमवार शाम साढ़े पांच बजे भरभराकर गिर गया था। इससे गांव के डोरीलाल (32), अर्जुन (30), वीरपाल (48), रविंद्र (50), नन्कू उर्फ वेदपाल (45) मलबे में दबकर घायल हो गए। वहां मौजूद गुड्डू, ठाकुरदास, नन्नू व डबरू भी मामूली जख्मी हुए हैं।
घायल डोरीलाल और रविंद्र
- फोटो : अमर उजाला
निजी अस्पताल में चल रहा उपचार
निजी अस्पताल में रविंद्र पाल, वीरपाल, डोरीलाल, अर्जुन और वेदपाल को भर्ती कराया गया। गांव के पूर्व प्रधान संजय शरद ने घायलों को भर्ती कराने व उनके उपचार में मदद की। इनमें से रविंद्र पाल और वीरपाल को सिर में गहरी चोट, पैरों में फ्रैक्चर व सीने में चोट थी। डोरीलाल को ब्रेन इंजरी बताई गई तो वेदपाल को हल्की चोट लगी थी।
घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़
- फोटो : संवाद
वेदपाल ने बताई हादसे की कहानी
वेदपाल बात करने की स्थिति में थे। उन्होंने बताया कि वह अपने पशुओं को बांधने गए थे। टंकी से काफी दूर थे लेकिन जब अचानक वह भरभराकर गिरी तो मलबे में वह भी चपेट में आ गए। गांव के कुछ लोग मलबे में ज्यादा दब गए थे जिन्हें निकाल लिया गया। दो गाय भी मलबे में दब गई थीं। थोड़ी देर को सब धुंआ धुंआ ही हो गया था।
घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद
घटिया सामग्री से बनाया ओवरहेड टैंक
गांव सरदारनगर में बना पुराना ओवरहेड टैंक खराब हो गया था। तीन साल पहले यहां नए ओवरहेड टैंक का निर्माण शुरू हुआ जो डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हुआ था। तब से नए टैंक से ही ग्रामीणों को जलापूर्ति की जा रही थी। ग्रामीणों का आरोप है कि यह ओवरहेड टैंक घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर बनाया गया था। बारिश के बाद सोमवार शाम साढ़े पांच बजे इसके पिलर धंस गए और पलक झपकते ही पूरा ओवरहेड टैंक धराशाई हो गया।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अफसर
- फोटो : संवाद
हादसे के एक घंटे बाद पहुंचा प्रशासनिक अमला
हादसे के एक घंटे बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। तब तक ग्रामीणों ने घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवा दिया था। मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए मंगलवार को लखनऊ से तकनीकी ऑडिट टीम (टीएसी) यहां आएगी। शाम 5:30 बजे हादसा हुआ। इसके एक घंटे बाद करीब 6:30 बजे एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एसडीएम आंवला विदुषी सिंह, तहसीलदार बृजेश कुमार, सीओ नितिन कुमार, बीडीओ हर्षेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे।
एसडीएम ने बताया कि वहां मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ की गई। उन्होंने पांच घायलों के अलावा अन्य किसी के मलबे में दबे होने की आशंका नहीं व्यक्त की, न ही किसी को मिसिंग बताया। फिर भी जेसीबी लगाकर मलबे को हटवाया जा रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।