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दर्दनाक: पिता की मौत के बाद नौकरी कर छोटे भाई को पढ़ा रही थी शिवानी, हादसे में चली गई दोनों की जान

Tue, 01 Aug 2023 05:50 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

नैनीताल हाईवे पर रविवार देर रात हुए हादसे में जान गंवाने वाली शिवानी अपने परिवार में इकलौती कमाने वाली थी। परिवार में सबसे बड़ी होने के बाद भी उसने खुद शादी करने की जगह पहले मंझली बहन की शादी कराई। नौकरी कर वह अपने छोटे भाई और बहन को पढ़ाने के साथ परिवार का खर्च भी उठा रही थी।
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शिवानी और अमन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र में नैनीताल हाईवे पर जीपीएम कॉलेज के पास रविवार देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों रुद्रपुर से अपने गांव कुंआडांडा लौट रहे थे। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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भोजीपुरा क्षेत्र के कुंआडांडा धिमनी निवासी शिवानी (21) रुद्रपुर में एक कंपनी में नौकरी करती थीं। छोटा भाई अमन (12) भी रुद्रपुर में ही उनके साथ रहकर पढ़ाई करता था। पड़ोसी गांव जमुनिया जागीर निवासी राजीव (22) भी रुद्रपुर में ही काम करता था। 

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तीनों रविवार रात रुद्रपुर से घर आ रहे थे। बाइक राजीव चला रहा था। रात 1:45 बजे नैनीताल हाईवे पर जीपीएम कॉलेज के पास उनकी बाइक की अज्ञात वाहन से टक्कर हो गई। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। 

नौकरी कर छोटे भाई-बहन को पढ़ा रही थी शिवानी
नैनीताल हाईवे पर रविवार देर रात हुए हादसे में जान गंवाने वाली शिवानी अपने परिवार में इकलौती कमाने वाली थी। परिवार में सबसे बड़ी होने के बाद भी उसने खुद शादी करने की जगह पहले मंझली बहन की शादी कराई। नौकरी कर वह अपने छोटे भाई और बहन को पढ़ाने के साथ परिवार का खर्च भी उठा रही थी।

शिवानी की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को उसके घर के बाहर जमा हो गया। हर कोई गमगीन था। गांव वालों ने बताया कि शिवानी के पिता गेंदन लाल मजदूरी करते थे। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और एक बेटा था। करीब 11 साल पहले उनकी मौत हो गई। सबसे छोटा बेटा अमन उस समय करीब सात महीने का था।

 

गेंदन लाल की मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी सबसे बड़ी बेटी शिवानी पर आ गई। पिता की मौत के बाद शिवानी ने गांव में ही रहकर मजदूरी करने के साथ पढ़ाई जारी रखी। दोनों बहनों और भाई को भी पढ़ाया। पिछले दो साल से वह रुद्रपुर में रहकर नौकरी कर रही थी। छोटे भाई को वह अपने साथ रखकर रुद्रपुर में ही पढ़ा रही थी।
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परिवार में सबसे बड़ी होने की वजह से घरवालों ने उससे कई बार शादी करने के लिए कहा मगर उसने दोनों बहनों की शादी कराने के बाद ही खुद शादी करने की बात कही। कुछ समय पहले उसने मंझली बहन की शादी करा दी। छोटी बहन के लिए भी वह रिश्ता देख रही थी। गांव वालों ने बताया कि शिवानी अक्सर कहती थी कि अमन पढ़-लिखकर जब अच्छी नौकरी करने लगेगा तब उसके परिवार की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी। इससे पहले ही हादसे में दोनों भाई-बहनों की मौत हो गई।
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