आईवीआरआई व बरेली कॉलेज के खाते होंगे सीज
वित्तीय वर्ष 2024-25 इस माह के साथ गुजर जाएगा। इसमें कर विभाग को 70 करोड़ वूसली का लक्ष्य पूरा करना है। इसके बाद ही शासन से ग्रांट मिलेगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया कि अब तक 51 करोड़ की वसूली हो चुकी है। सोमवार को भी 60 लाख से अधिक की वसूली की गई है। रोज एक करोड़ वसूली का टारगेट रखा गया है। महापौर ने कहा कि 65 करोड़ सरकारी विभागों पर बकाया है। उनके खाते सीज करें। इसमें बरेली कॉलेज व आईवीआरआई के खाते सबसे पहले सीज होंगे।
कूड़ा कलेक्शन, पार्कों के रखरखाव को लेकर बढ़ाई रकम
नगर निगम ने साफ-सफाई, कूड़ा कलेक्शन और पार्कों के रखरखाव का बजट बढ़ाया है। 30 वार्डाें में सफाई का काम ठेके पर देने के साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए बजट में प्रावधान किया है। डलावघर से कूड़ा उठान आउटसोर्सिंग पर होगा। पार्कों, डिवाइडरों पर पौधे लगाने व पानी देने, टूटे पेड़ों को जमा करने का काम प्राइवेट एजेंसी को दिया जाएगा।
आय के स्रोत
- गृहकर 70 करोड़
- जलकर 38 करोड़
- सीवरकर 15 करोड़
- विज्ञापन 5.50 करोड़
- वधशालाओं से शुल्क 4.40 करोड़
- राज्य वित्त आयोग 21 करोड़
- 15वां वित्त आयोग 101 करोड़
- सीएम ग्रिड 5 करोड़
इन मदों में होगा खर्च
- नाला सफाई 79.15 करोड़
- वेतन-पेंशन 75.81 करोड़
- कूड़ा प्रबंधन 192 करोड़
- जनस्वास्थ्य व पर्यावरण 82.50 करोड़
- पार्क सुंदरीकरण 9.02 करोड़
- निर्माण कार्य 227.13 करोड़
- स्ट्रीट लाइट 36.70 करोड़
महापौर उमेश गौतम ने बताया कि बजट 800 करोड़ से ऊपर पहुंचना बड़ी बात है। वर्ष 2025-26 में विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी। शहर की प्रमुख सड़कें चमकेंगी।