बरेली। हाईवे चाहे कोई हो, हर हाईवे पर हादसों के लिए तमाम कारण मौजूद हैं। कुछ पता नहीं कि कहां कब किस कारण हादसा हो जाए। कहीं हाईवे पर डिवाइडर गायब हैं तो कहीं उसके दोनों किनारों पर खतरनाक हद तक अतिक्रमण कर लिया गया है। हाईवे को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी कई विभागों की है लेकिन इस दिशा में अफसरों की कोशिशें कागजी खानापूरी से कभी बाहर नहीं निकल पातीं।
लखनऊ हाईवे पर फरीदपुर टोल प्लाजा के पास से लंबी दूरी तक डिवाइडर ही गायब है। डिवाइडर का एहसास कराने के लिए थोड़ी-थोड़ी दूर पर सड़क के बीच रेत और मिट्टी से भरे कट्टे रख दिए गए हैं। हाईवे पर गुजरने वाले लोग हर रोज इसी टोल पर लाखों रुपये का टैक्स चुकाते हैं लेकिन उनकी सुरक्षा और सुविधा की चिंता फिर भी किसी को नहीं है। हाईवे पर जिस तरह रेत भरे कट्टे रखे हुए हैं, उसे देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोई भी वाहन बेकाबू होने के बाद उसका संभलना मुश्किल है। हाईवे पर रखे गए कट्टों के बीच इतनी दूूरी है कि ट्रक जैसे भारी वाहन आसानी से एक लेन से दूसरी लेन में पहुंच सकते हैं।
बड़ा बाईपास : हाईवे पर ही लगा लीं दुकानें
रोजगार की तलाश आजकल हर किसी को है, लेकिन हाईवे पर कई जगह लोग इसके लिए अपने साथ दूसरों की भी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बड़ा बाईपास पर फरीदपुर थाना क्षेत्र में जेड अड्डे से जुडे़ गांव के लोगों ने हाईवे के किनारे फल, चाय और चाट-पकौड़ों की दुकानें लगा ली हैं। इसके अलावा फरीदपुर टोल प्लाजा सेे भी कुछ दूर हाईवे के किनारे कई खोखे लगे हुए हैं। यह अतिक्रमण कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है लेकिन फिर भी संबंधित विभाग इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
फतेहगंज टोल प्लाजा से पहले कूड़े के ढेर भी जानलेवा
फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा से पहले हाईवे के किनारों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए है। इन पर सुबह-शाम परिंदों के झुंड मंडराते रहते हैं। अक्सर झुंड में ये परिंदे हाईवे के ऊपर भी उड़ते रहते हैं और अक्सर बाइक पर चलने वालों से टकरा जाते है। इस वजह से कई हादसेे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कूड़े के ढेरों को हटवाया नहीं गया है। दिन भर इस कूड़े में जानवर भी खाने की तलाश करते रहते हैं और अक्सर हाईवे पर वाहनों के सामने आकर हादसे का कारण बन जाते हैं।
टूटे ब्रेकर, किनारों पर मिट्टी, रोड पर झाड़ियां
हाईवे पर सुरक्षा के कई नियम है लेकिन सारे नियम ताक पर रख दिए गए हैं। बड़ा बाईपास के इन्वर्टिस तिराहे पर जुड़ने वाले हाईवे के हिस्से पर कई हादसों के बाद बनाए गए स्पीड ब्रेकर टूटे पड़े हैं। वाहन तेज रफ्तार से हाईवे की तरफ बढ़ते हैं तो मोड़ पर सामने से आने वाले वाहन न दिखने के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। हाईवे पर कई जगह किनारों पर बेेशुमार मिट्टी भी पड़ी हुई है जिस पर वाहन फिसल जाते हैं। कई जगह हाईवे के मोड़ों पर झाड़ियां भी हैं जबकि हाईवे बिल्कुल साफ रहना चाहिए।
जिले में सड़क सुरक्षा की समिति होती है जिसमें डीएम-एसएसपी के साथ एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी समेत सभी एजेंसियों के अफसर जुड़े होते हैं। महीने में एक बार समिति की बैठक में सुधार के लिए विचार-विमर्श किया जाता है। जिले में हाईवे पर ब्लैक स्पॉट भी चिन्हित हैं। इन पर सुरक्षा के लिए अधिक जोर दिया जाता है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी