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BJP News: बरेली में किसके सिर पर सजेगा ताज? भाजपा जिलाध्यक्ष बनने के लिए दिल्ली दरबार पहुंच रहे दावेदार

Mon, 20 Jan 2025 06:54 AM IST
मुकेश कुमार अतुल भारद्वाज, अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

नौ और 10 जनवरी को बरेली व आंवला के जिलाध्यक्ष और बरेली के महानगर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराए गए थे। तीन पदों पर 89 लोगों ने दावेदारी की है।
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BJP Flag - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संगठन का पुनर्गठन हो रहा है। बरेली में दो जिलाध्यक्षों और एक महानगर अध्यक्ष की ताजपोशी होनी है। इसके लिए 89 लोगों ने दावेदारी की है। ताज किसके सिर पर सजेगा? इस सवाल के जवाब के लिए कार्यकर्ता और पदाधिकारी लखनऊ-दिल्ली की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। वहीं, दावेदार खुद की ताजपोशी सुनिश्चित करने के लिए लखनऊ-दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। शीर्ष नेताओं से संपर्क का दौर जारी है।

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अगले दो-तीन दिन में नामों की घोषणा होने के संकेत मिलने के बाद प्रयास और तेज हो गए हैं। नौ और 10 जनवरी को बरेली व आंवला के जिलाध्यक्ष और बरेली के महानगर अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कराए गए थे। महानगर अध्यक्ष पद के लिए रिकॉर्ड 40 आवेदन आए हैं। महानगर कमेटी के चार पदाधिकारियों को छोड़कर पूरी कार्यकारिणी ने अध्यक्ष पद पर दावेदारी की है।

आंवला से 21 दावेदार
आंवला से मौजूदा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह सहित कार्यकारिणी में शामिल आधा दर्जन पदाधिकारियों सहित कुल 21 लोगों ने दावेदारी की है। हालांकि, आदेश प्रताप सिंह को दोबारा जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का ही होगा।

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बरेली से 28 नामांकन
बरेली जिलाध्यक्ष पद के लिए 28 नामांकन हुए हैं। मौजूदा जिलाध्यक्ष पवन शर्मा के दो कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद पार्टी के नियम के मुताबिक उनकी दावेदारी खत्म हो गई है। उन्होंने नामांकन भी नहीं किया है। यहां किसी नए चेहरे को ही जिम्मेदारी मिलेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यहां पूर्व जिलाध्यक्षों में से किसी को चुना जाएगा या पार्टी किसी पिछड़ा वर्ग के नेता को जिलाध्यक्ष बनाएगी।

महानगर अध्यक्ष पद के लिए रिकॉर्ड 40 दावेदार
महानगर अध्यक्ष पद के लिए रिकॉर्ड 40 दावेदार हैं। निवर्तमान अध्यक्ष की दोबारा ताजपोशी की राह में सबसे बड़ी बाधा दो पूर्व अध्यक्षों डॉ. केएम अरोरा और पुष्पेंद्र शर्मा की मजबूत दावेदारी है। इसके साथ ही प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामगोपाल मिश्रा ने भी दावेदारी की है। ऐसे में महानगर अध्यक्ष पद के लिए नाम तय करना हाईकमान के लिए भी मुश्किलें पैदा कर सकता है।
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जनप्रतिनिधियों की साख भी दांव पर
जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष पद पर अपने नजदीकी को जिम्मेदारी दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों की साख भी दांव पर लगी है। सांसद छत्रपाल गंगवार सहित भाजपा के विधायक भी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उनके समर्थक को जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष बनाया जाए। इसके लिए नामांकन के दौरान भी जनप्रतिनिधि चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षक से मिलकर अपने सुझाव दिए थे। 
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