भीड़ हिंसा के मामलों में जिसकी सरेआम हत्या कर दी जाती है, पुलिस आनन-फानन उस पर ही मुकदमा दर्ज कर लेती है। परिजनों को इंसाफ देने के बजाय कभी गोकशी तो कभी चोरी के इरादे से घर में घुसने के आरोप लगाकर मरने वाले को ही मुजरिम करार दे दिया जाता है। इस पर रोक लगनी चाहिए। इस्लामिक आतंकवाद जैसे घटिया दुष्प्रचार पर रोक लगाने, मुसलमानों के नाम पर जुर्म करने और झूठी धमकियां देने वालों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
एजेंडे में कहा गया कि फलस्तीन पर इस्राइल के हमले रोकना अमनपसंद देशों की जिम्मेदारी है। भारत हमेशा फलस्तीन की संप्रभुता का समर्थक रहा है। लिहाजा, विस्तारवादी ताकतों को रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए। भारत ने इस्राइल को जो हथियार और युद्ध तकनीकी दी है, उसके इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए दबाव बनाना चाहिए। बांग्लादेश इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल से जूझ रहा है। भारत को इस स्थिति को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
मुसलमानों तक पहुंचाएं सरकारी योजनाओं का लाभ
जरी-जरदोजी सहित सभी तरह की दस्तकारी को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ मुसलमानों को नहीं मिल पाता। विशेष अभियान चलाकर योजनाओं को आम मुसलमानों तक पहुंचाया जाए, ताकि दस्तकारी बची रहे और दस्तकार का घर भी चल सके। शिविर लगाकर दस्तकारों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दिया जाए। मुस्लिम बहुल इलाकों में स्कूल, कॉलेज और बैंक जैसी सुविधाएं बेहतर की जाएं, ताकि मुस्लिम भी देश की तरक्की में अपना किरदार निभा सकें।