बरेली के मीरगंज में हेमलता हत्याकांड का पुलिस पांचवें दिन भी खुलासा नहीं कर सकी। जिस जगह पर शव मिला था शनिवार को पुलिस ने उसके आसपास की जगह की मिट्टी खोदने के साथ छलने से छनाई भी कराई मगर, तमंचा या कारतूस का खोखा नहीं मिल सका।
शनिवार को एसपी दक्षिणी मानुष पारीक, सीओ मीरगंज दीपशिखा अहिवरन तथा एसओजी टीम ने दोनों संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन कोई सबूत हासिल नहीं कर सके। शनिवार को भी राजकुमार और उसके दोस्त रामबहादुर को घटना स्थल पर ले जाकर बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई।
एसओजी टीम ने हेमलता के सीने में लगी गोली के पार निकल जाने पर जमीन की खोदाई कर खोजने का प्रयास किया लेकिन देर शाम तक कुछ नहीं मिला। पूर्व में हुई लूट आदि की घटनाओं के पीड़ितों को बुलाकर भी पूछताछ की गई है।
टाइमिंग पर फंसे तो बोले- भूल गए थे
पति राजकुमार के मोबाइल फोन की जांच से पता लगा कि उसने दोस्त रामबहादुर को 7.50 बजे कॉल की थी। रामबहादुर जिसके खेत में मिर्च तोड़ रहा था उसके मुताबिक वह करीब दस मिनट पहले काम छोड़कर चला गया था। दूसरे साथियों से कह गया था कि मुझे जल्दी है, मेरा भुगतान भी ले लेना।
खेत मालिक ने उसके खाते में ऑनलाइन भुगतान 7.47 बजे किया। देखा जाए तो राजकुमार की कॉल से पहले ही वह पैदल ही घटनास्थल पर पहुंच गया था। करीब 13 मिनट के अंतर पर रामबहादुर और राजकुमार की चार बार बात हुई थी। पुलिस ने बातों पर संदेह जताया तो दोनों का कहना था कि हम भूल गए कि कौन पहले पहुंचा था।
चार दिन से थाना और चौकी प्रभारी विहीन
घटना के दूसरे दिन एसएसपी ने चौकी इंचार्ज दुनका एवं प्रभारी निरीक्षक शाही को लाइन हाजिर कर दिया था। ऐसे में चार दिनों से थाना और चौकी तकनीकी तौर पर प्रभारी पद से रिक्त है।
आज दसवें में जुटेंगे लोग
रविवार को हेमलता के दसवें (शुद्धि संस्कार) की रस्म होनी है। इस दौरान ससुराल व मायका पक्ष के लोग जुटेंगे। हेमलता के मायके वाले भी अब घटनाक्रम को दूसरे नजरिये से देख रहे हैं।
मामले में खुलासा जल्दी हो सकता है। कुछ बिंदुओं पर काम चल रहा है, उसके बाद हत्यारोपी सलाखों के पीछे होंगे। लूट जैसी घटना का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। - मानुष पारीक, एसपी दक्षिणी