बरेली के मीरगंज में हेमलता के मायके वाले भी अब उसके पति राजकुमार को ही हत्यारोपी मान रहे हैं। पिता हरीश कुमार ने राजकुमार पर बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। हेमलता की मां और सहेलियों ने राजकुमार को सनकी बताया है। उन्होंने कहा कि राजकुमार ने हेमलता के हंसने-घूमने पर भी पाबंदी लगा रखी थी।
वह काफी सहनशील स्वभाव की थी जो उसकी हरकतें बर्दाश्त कर रही थी। 14 मई को दो गोलियां मारकर हेमलता की हत्या कर दी गई थी। अब इस मामले में पिता हरीश कुमार ने शाही थाने में तहरीर दी है कि हेमलता ने मरने से पहले मां प्रेमवती को कॉल कर पति की ज्यादती की शिकायत की थी।
बताया था कि पति उस पर शक करता है। वह किसी महिला के साथ भी उसे फोटो नहीं लेने देता था। किसी सहेली तक से बात करने पर पाबंदी लगा रखी थी। अगर किसी ने उसके साथ फोटो खींच भी लिया तो तुरंत उसे डिलीट करा देता था।
बताया कि वहृ घुट-घुटकर जी रही थी। मां से शिकायत करने की जानकारी राजकुमार को हुई तो उसने हेमलता से बात करना बंद कर दिया था। हत्या से तीन दिन पहले हेमलता को उसकी नानी, मौसी तथा मायके मल्साखेडा घुमाने ले गया था।
ससुराल में शाम तक अपने घर जाने की कोई बात नहीं की। उन्हेें लगा कि बेटी-दामाद आज रुकेंगे। शाम साढ़े पांच बजे के बाद राजकुमार हेमलता से तुरंत चलने के लिए कहने लगा। सभी लोगों ने खुशी-खुशी विदा किया। उन्हें क्या पता था कि आज उनकी बेटी की हत्या हो जाएगी।
सहेलियों ने बताया, बहुत सहनशील थी हेमलता
पुलिस ने हेमलता की सहेलियों से भी पूछताछ की। उसकी दोनों सहेलियां उसके ही गांव की हैं जो इंटर तक साथ पढ़ी थीं। सहेलियों ने बताया कि हेमलता काफी सहनशील स्वभाव की थी। अगर वह तेज होती तो शायद पति के अत्याचार का तत्काल विरोध करती। शायद वह खुद को राजकुमार की इच्छा के मुताबिक ढालने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, दोनों सहेलियों के परिजनों ने थाने बुलाकर पूछताछ करने पर नाराजगी भी जाहिर की।
शुरू में हेमलता के मायके वाले इस घटना को बदमाशों से जुड़ा मान रहे थे। अब वस्तुस्थिति देखकर वह भी घटनाक्रम का अंदाजा लगा रहे हैं। ससुर ने राजकुमार के खिलाफ तहरीर दी है। इसे विवेचना में शामिल कर तफ्तीश की जा रही है। - घुले सुशील चंद्रभान, एसएसपी