घटना के बाद दो लड़कों ने की थी किशोरी की मदद
पुष्पा पांडेय ने बताया कि आरपीएफ के मनोज पांडेय ने उन्हें जानकारी दी कि वह घटना वाली रात जब वह टहल रहे थे तो यह किशोरी दो लड़कों के साथ आती हुई दिखी। बात करने पर जानकारी हुई कि किशोरी ने उन लड़कों से मदद मांगी थी।
लड़कों ने किशोरी की मदद की और उसे आउटर से स्टेशन तक लेकर आए। हालांकि लड़कों को घटना के बारे में नहीं पता था। लड़कों ने सोचा कि किशोरी रास्ता भटक गई है। वह उसे छोड़कर चले गए। इसके बाद मनोज किशोरी को आरपीएफ थाने ले आए। यह दोनों लड़के कौन थे, पुलिस इसका भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।
आरोपी की नहीं हो सकी पहचान
तीसरे दिन भी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी। किशोरी से बातचीत में पता लगा था कि आरोपी करीब 50 साल का है। उसके कुछ बाल सफेद थे। वह लाल रंग की शर्ट पहने था। जीआरपी व पुलिस की आठ टीम लगातार सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही हैं। स्थानीय संदिग्धों से लेकर ट्रेनों में घूमने वाले नशेड़ियों की भी धरपकड़ की जा रही है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जीआरपी के सहयोग में पुलिस व एसओजी लगाई है, अभी सफलता नहीं मिली है।