हॉकी को लेकर खिलाड़ियों में जोश
वंशिका गंगवार ने कहा कि भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम दोनों ने ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया है। उनके खेल को देखकर हमारे अंदर भी आगे बढ़ने का जुनून बढ़ता है। हम भी उसी लगन और मेहनत से तैयारी कर रहे हैं।
स्वाति प्रजापति ने कहा कि मैं रानी रामपाल से बहुत प्रेरित हूं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और भारतीय महिला हॉकी टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मैं भी उनके जैसा खेलना चाहती हूं और भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीतना मेरा सपना है।
गौरी वर्मा ने कहा कि हॉकी ने मुझे अनुशासन, समय प्रबंधन और लक्ष्य प्राप्ति का महत्व सिखाया है। ये गुण पढ़ाई और जीवन में भी जरूरी होते हैं। इसलिए मैं खेल और पढ़ाई दोनों को बराबर प्राथमिकता देती हूं।
अंजली शर्मा ने कहा कि जब खिलाड़ी मैदान पर भारतीय जर्सी पहनकर उतरता है, तो उसकी भावना शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। मेरा लक्ष्य भारत के लिए खेलना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है।