साज-सज्जा के सामान भी बनाए जाएंगे
गोमूत्र से बायो फर्टिलाइजर और वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन भी किया जाएगा। गाय के गोबर से घड़ी, फूलदान, पेन स्टैंड के अलावा अन्य साज सज्जा के सामानों के साथ ही धूप, अगरबत्ती, थाली, दीपक जैसे पूजा के सामानों को तैयार कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
इससे न सिर्फ गायों का संरक्षण होगा बल्कि युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस मौके पर पशु विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र पांडे, निदेशक पशुपालन डॉ. जयकेश पांडे, अपर निदेशक संगीता तिवारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।