कॉल डिटेल से तय होगा सरपरस्तों का भविष्य
फायरिंग मामले में शामिल दोनों गुटों के राजनीतिक सरपरस्तों की भूमिका की जांच हो रही है। इसके लिए सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। आरोपियों की छह महीने की कॉल डिटेल खंगाली जा रही हैं। राजनीतिक आकाओं से किसकी कितनी बार बात हुई? दोस्ती केवल बातचीत तक सीमित थी या दोनों के बीच प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा भी चल रहा था, इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं? इसकी पड़ताल की जा रही है।
फायरिंग प्रकरण में एक पक्ष भाजपा के पूर्व विधायक पप्पू भरतौल को तो दूसरा पक्ष उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति पप्पू गिरधारी को घटना का सूत्रधार बता रहा है। पूर्व विधायक तो इस मामले में नामजद भी हैं। जांच की आंच भी उन तक पहुंचने लगी है। उनके भाई का रिसॉर्ट सील कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक कॉल डिटेल और सर्विलांस के जरिये एक पक्ष का उसके राजनीतिक आका से सीधा कनेक्शन होने के सबूत मिले हैं।
इसके आधार पर ही पुलिस व बीडीए की टीम ने शनिवार से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। साजिश रचने के आरोप में इन पर भी कार्रवाई हो सकती है। अधिकारी कुछ बोल नहीं रहे, लेकिन अंदरखाने ही कार्रवाई की पटकथा तैयार की जा रही है।