शासन स्वास्थ्य समिति के खाते में भेजेगा 1.5 करोड़ का बजट, बंदरबांट पर लगेगा अंकुश
बरेली। कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने पर शासन ने अब बरेली को बी श्रेणी में दर्ज कर दिया है। इधर, संक्रमण की रोकथाम के लिए दिए जा रहे बजट में अनियमितता या गड़बड़ी रोकने के लिए अब शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। संक्रमण के फैैलाव के आधार पर जिलों को ए, बी, सी और डी श्रेणी में बांटा गया है। बजट अब अलग-अलग विभागों को नहीं, बल्कि जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में भेजा जाएगा। ताकि बंदरबांट की आशंका न रहे और जवाबदेही भी तय की जा सके। राहत की बात यह है कि संक्रमण की रफ्तार कम होने पर बरेली बी श्रेणी में दर्ज हो गया है।
प्रमुख सचिव दीपक कुमार की ओर से आदेश मिलने पर जिले में स्वास्थ्य समिति का गठन कर लिया गया है। समिति में डीएम नितीश कुमार अध्यक्ष और सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल सचिव बनाए गए हैं, जबकि सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग, नगर आयुक्त अभिषेक आनंद और मुख्य कोषाधिकारी को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। समिति कोविड प्रबंधन के लिए मिलने वाली धनराशि के उपयोग का निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगी। बता दें कि ए श्रेणी में दर्ज जिलों को 2.50 करोड़ और बी श्रेणी में दर्ज जिले को 1.50 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। बरेली को बी श्रेणी में रखा गया है। बीते दिनों बरेली में भी स्वास्थ्य विभाग के बाबुओं के मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट, शूज कवर, साबुन, टूथपेस्ट आदि सामान खरीदने में हेराफेरी करने की आशंका जताई गई थी। आरोप था कि बाबुओं ने चहेतों की फर्म से सामान खरीदा। इस मामले में शासन से जांच और कार्रवाई की मांग भी की गई।
समिति को ये शक्तियां प्रदान की गईं