फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार घंटे अस्पताल के बाहर पड़ा रहा कोरोना संक्रमित का शव, नहीं मिली एंबुलेंस

विज्ञापन
demo photo - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

परेशान परिजन ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से की शिकायत तब मिली एंबुलेंस

बरेली। कोविड कंट्रोल सेंटर गठित कर संक्रमितों को तत्काल सुविधा मुहैया कराने के सरकार के दावे सिस्टम की मनमानी से खोखले साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को संक्रमित का शव चार घंटे तक अस्पताल के बाहर पड़ा रहा, लेकिन परिजन को अंत्येष्टि के लिए शव ले जाने ले जाने को एंबुलेंस नहीं मिली। परिजन अफसरों से गुहार करते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। हारकर उन्होंने शासन की हेल्पलाइन पर कॉल की तो उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मामले का संज्ञान लेकर बरेली के जिम्मेदारों को कॉल की। तब कही शव अंत्येष्टि के लिए श्मशान भूमि तक पहुंचा।
विज्ञापन

राजनगर के रहने वाले 69 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत खराब होने पर परिजन ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत में सुधार न होने पर परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल में ले गए। वहां कोरोना की जांच हुई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तह उन्हें कोविड अस्पताल रेफर कर दिया। गुरुवार देर रात बुजुर्ग की मौत हो गई। शुक्रवार को परिजन ने शव लेे जाने के लिए वाहन की मांग की तो कोई तैयार नहीं हुआ। परिजन के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन ने शव बाहर रख दिया और कोई खुद कोई व्यवस्था करके ले जाने को कहा। करीब चार घंटे तक संक्रमित की लाश अस्पताल के बाहर पड़ी रही। परिजन रोते-बिलखते शव ले जाने के लिए वाहन दिलाने की गुहार लगाते रहे। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने शासन की कोविड हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर आपबीती बताई।

डिप्टी सीएम की कॉल आई तो मचा हड़कंप

मामले का संज्ञान लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अफसरों को कॉल की। उन्होंने मामले पर नाराजगी जताते तत्काल शव वाहन मुहैया कराने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम तक मामला पहुंचने के बाद अफसरों में खलबली मच गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तत्काल एक शव वाहन निजी अस्पताल भेजा गया तो दूसरी ओर कोविड अस्पताल ने भी शव वाहन मुहैया करा दिया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के शव वाहन के पहुंचने से पहले ही परिजन शव लेकर अंत्येष्टि के लिए रवाना हो गए थे।

ट्रूनेट की जांच में संक्रमित मिला था वृद्ध

बरेली। सुभाषनगर के पटेलनगर निवासी बुजुर्ग को संक्रमित बताने और पोर्टल पर सूचना अपडेट न करने के मामले की जांच पूरी हो गई। बीडीए उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। पता चला है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से बुजुर्ग की भोजीपुरा कोविड एल-2 अस्पताल में टूनेट से जांच की गई। इसमें वह संक्रमित मिले थे। इसके बाद उन्हें कोविड अस्पताल रेफर किया गया था।
गुरुवार को नोडल अफसर नवनीत सहगल ने ऑनलाइन समीक्षा के दौरान पटेल नगर के बुजुर्ग की मौत के मामले में जांच बीडीए उपाध्यक्ष को सौंपी थी। उनसे सर्वेक्षण के दौरान संबंधित व्यक्ति से संपर्क किए जाने, लक्षण आदि की जानकारी होने, कोरोना टेस्ट हुआ या नहीं आदि बिंदुओं पर जांच को कहा था। शुक्रवार को जांच पूरी हो गई। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पीलीभीत बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती होने के बाद ही उनके सैंपल की जांच ट्रूनेट से कराई गई। जांच कोविड एल-2 अस्पताल में कराई गई थी। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ही उन्हें रेफर किया गया था। मामले में जांच रिपोर्ट के साथ ही कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट की प्रति भी संलग्न की गई है।

निजी अस्पताल की ओर से कोविड-19 जांच कराई गई थी और वह कोरोना पॉजिटिव आई थी। यह उनके परिवार को भी बताया गया था। उनके परिवार में बेटे और अन्य सभी को पता था कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। - दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष, बीडीए

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें