पुलिस ने रिश्तेदारी में जानकारी कराई तो पता चला कि छात्रा वहां नहीं है। इस पर पुलिस ने सख्ती की तो मंगली ने अपने मौसेरे भाई वीरेंद्र की मदद से बेटी की गला दबाकर हत्या करने की बात कबूल कर ली। बकौल पुलिस, मंगली ने बताया कि हत्या करने के बाद जंगल में अरिल नदी किनारे उसने बेटी का शव जलाकर अस्थियां और राख नदी में बहा दीं। पुलिस मंगली को लेकर नदी किनारे पहुंची तो उसने शव जलाने का स्थान भी दिखा दिया, लेकिन उसे झाड़ू लगाकर साफ किया जा चुका था।
प्रेम प्रसंग में गर्भवती होने की चर्चा
गांव वालों ने बताया कि छात्रा के घर के सामने चकरपुर निवासी एक लड़का अपनी मौसी के यहां रहता था। साल भर से छात्रा से उसके संबंध थे। पूरे गांव में इसकी चर्चा थी। छात्रा के घरवालों को पता चला तो उन्होंने समाज में बदनामी का हवाला देकर छात्रा को समझाया लेकिन वह नहीं मानी। चर्चा है कि कुछ समय पहले छात्रा गर्भवती हो गई। यह बात गांव में फैली तो परिवार की और ज्यादा बदनामी होने लगी।
मौसेरे भाई के साथ बनाई योजना
सीओ आंवला चमन सिंह चावड़ा के मुताबिक छात्रा और उसका प्रेमी एक ही बिरादरी के थे, लेकिन छात्रा का पिता इस संबंध के विरोध में था। छात्रा नहीं मानी तो उसने अपने मौसेरे भाई वीरेंद्र से मिलकर उसकी हत्या करने की योजना बनाई। दस दिन पहले वीरेंद्र उनके घर आया और रात में दोनों ने छात्रा की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर रात में ही शव नदी किनारे ले जाकर जला दिया। गांव में चर्चा होने के कारण मामला खुल गया। इस मामले में दोनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
छात्रा दस दिन से लापता थी। पिता ने उसकी हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। वारदात में शामिल एक अन्य अभियुक्त की तलाश कराई जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- राजकुमार अग्रवाल, एसपी देहात