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बरेली कॉलेजः एलएलबी में प्रवेश के लिए ईडब्ल्यूएस का लाभ न देने पर प्राचार्य को घेरा

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बरेली कॉलेज (फाइल फोटो) - फोटो : demo photo
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एनएसयूआई ने छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी

बरेली। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को बरेली कॉलेज के प्राचार्य का घेराव किया। उनका आरोप था कि कॉलेज प्रशासन सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के साथ अन्याय कर रहा है। उन्हें एलएलबी में ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत प्रवेश नहीं दे रहा है।
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एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव सैयद फरहान अली ने कहा कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के समय तो एलएलबी के छात्रों के लिए ईडब्ल्यूएस का विकल्प दिख रहा है, लेकिन बरेली कॉलेज की वेबसाइट पर जब छात्र रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं तो ईडब्ल्यूएस का विकल्प नहीं आ रहा है। इससे छात्रों में भ्रम है। ईडब्ल्यूएस की सुविधा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए दी गई है, लेकिन जिस प्रकार से छात्रों को भ्रम में डालकर उनका हक छीना जा रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव अवनीश चौबे ने कहा वह सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों को उनका अधिकार दिलाकर ही रहेंगे। उन्होंने कॉलेज प्रशासन के 48 घंटे में स्थिति स्पष्ट न करने पर व्यापक आंदोलन करने की चेतावनी दी। कहा, दिल्ली सहित देश के सभी विश्वविद्यालयों में ईडब्ल्यूएस के तहत छात्रों को एलएलबी में 10 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन यहां बरेली कॉलेज और रुहेलखंड विश्वविद्यालय में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस दौरान निखिल कुमार, हर्ष बिसारिया, अमन कुमार, शहजाद मलिक, कृष्ण कांत, शिवम ठाकुर, राहुल सिंह, शाने रजा, रिजवान मेवाती, वीर देव गंगवार, दिनेश प्रजापति, रूपेश रस्तोगी आदि मौजूद रहे।

एलएलबी में अब तक ईडब्ल्यूएस के तहत छात्रों को आरक्षण देने संबंधी कोई नियमावली हमारे पास नहीं है। चूंकि एनएसयूआई के छात्र मुझसे इस मामले को लेकर मिलने आए थे, इसलिए उन्होंने रुहेलखंड विश्वविद्यालय से इस मामले में मार्गदर्शन मांगा है। - डॉ. अनुराग मोहन, प्राचार्य, बरेली कॉलेज

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