कोरोना पॉजिटिव रही मीरगंज की एक महिला में ब्लैक फंगस के संक्रमण की पुष्टि चिकित्सक ने की है। राजेंद्रनगर के एक निजी अस्पताल में महिला का इलाज चल रहा है। महिला के परिजन ने बताया कि स्वस्थ होकर वापस आने के बाद आंख में दिक्कत हुई। जांच कराने पर डॉक्टर ने सीटी टेस्ट किया तो पुष्टि हुई। एंटीफंगल इंजेक्शन महिला को दिया गया है। सीएमओ ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।
इससे पहले लखनऊ से भी ब्लैक फंगस का केस सामने आ चुका है। आंख व नाक के पास सूजन के बाद लोहिया संस्थान में भर्ती करायी गयी महिला में ब्लैक फंगस का संक्रमण पाया गया। ब्लैक फंगस पीड़ित महिला की जान बचाने के लिए डाक्टर कुछ कर पाते उससे पहले ही मरीज की सांसे थम गयीं। उत्तर प्रदेश का यह पहला मामला था जब किसी मरीज की मौत ब्लैक फंगस संक्रमण के कारण हुई। कोरोना संक्रमण के बीच जानलेवा ब्लैक फंगस के मामले भी समने आ रहे हैं। सोमवार को महिला मरीज की मौत हुई जो ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस)से पीड़ित थी।
लखनऊ निवासी एक महिला को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया। महिला की आंख व नाक के पास सूजन थी। उसे देखने के बाद डाक्टरों ने ब्लैक फंगस के संक्रमण की आशंका जतायी। परिजनों ने बताया कि महिला कुछ समय पहले ही कोरोना के संक्रमण से बाहर आयी है। इसके बाद उसे सांस लेने में दिक्कत हुई और चेहरे पर सूजन आ गयी। डॉक्टरों ने तत्काल सीटी स्कैन जांच करायी तो पता चला कि महिला के फेफड़ों में जबरदस्त संक्रमण है।
डाक्टरों ने उसका गहन अध्यन किया और बताया कि यह ब्लैक फंगस का ही मामला है। ब्लैक फंगस का मरीज मानते हुए डॉक्टरों ने महिला को इलाज देना शुरू किया। मगर महिला की हालत लगातार गंभीर होने लगी। डाक्टरों ने तय किया कि फंगस को निकालकर उसका कल्चर टेस्ट कराया जाए। यह प्रक्रिया हो पाती उससे पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।
यहां भी मिल चुके हैं केस
कोरोना के साथ ब्लैक फंगस के मामले भी यूपी के कई जिलों में सामने आए। ब्लैक फंगल इंफेक्शन के मामले लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर व बरेली समेत कई जिलों में सामने आए हैं। कानपुर में सर्वाधिक 12, लखनऊ में आठ, गोरखपुर में छह, मेरठ व बरेली में दो-दो और वाराणसी व गाजियाबाद में एक- एक मरीज में इसके लक्षण देखने को मिले।