बरेली। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की गला दबाकर हत्या करने के अभियुक्त की जमानत याचिका अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 12 पशुपतिनाथ मिश्रा ने खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि जमानत प्रार्थना पत्र में लिखे तथ्यों के आधार पर जमानत के लिए पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में अभियुक्त को जमानत नहीं दी जा सकती है।
घटना छह अक्तूबर 2024 को बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के गांव परसौना में हुई थी। पीड़ित महिला ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि उसने अपनी बड़ी बेटी अलवीना की शादी साबिर बेग के साथ 11 मार्च 2018 को की थी। शादी में दिए गए सामान से दामाद और उसके परिजन खुश नहीं थे। अलवीना की शादी के दो वर्ष बाद ही छोटी बेटी की शादी की थी। इसके बाद से ही साबिर बेग, सास मुन्नी, ननद आलमीन, नंदोई लताफत व ननद नन्ही, नंदोई अश्फाक एक राय होकर अलवीना के साथ मारपीट करते थे। छह अक्तूबर 2024 को बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। न्यायालय ने पुलिस रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आरोपी मुन्नी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। संवाद