वसूली में माहिर है गुलाम का गैंग
हनी ट्रैप गिरोह का सरगना सीबीगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर गुलाम साबिर आजाद खुद को पत्रकार बताकर लोगों पर रौब गांठता है। अलग-अलग थानों में पहले से ही गिरोह पर कई मुकदमे दर्ज हैं। कुछ दिन पहले इज्जतनगर थाना क्षेत्र में गुलाम साबिर और उसके गिरोह ने स्कूल संचालक से वसूली की कोशिश की थी।
स्कूल संचालक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब उसने सीबीगंज के उद्यमी को शिकार बना लिया। जमीन कब्जाने के आरोप में भी गुलाम साबिर पर कई मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि चांद अल्वी पर भी भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज है।
जुआ व सट्टे के लिए चर्चित हैं किला व गढ़ी पुलिस चौकी
किला थाने की किला और गढ़ी चौकियां काफी चर्चित हैं। जुआ और सट्टे का गढ़ इसी इलाके में है। चौकी प्रभारी के आते ही धंधेबाज उसे भी खेल में शामिल कर लेते हैं। इस समय जितेंद्र जौहरी और उसके गुर्गे इलाके में सट्टा व जुआ करा रहे हैं। चौकी का स्टाफ कई बार जुआ व सट्टे की वजह से निलंबित हो चुका है और पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। कई चौकी प्रभारी इस तरह के आरोप साबित होने पर कार्रवाई झेल चुके हैं।
सेवानिवृत्त कर्मचारी को भी बनाया था शिकार
सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मचारी को भी हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये की वसूली की गई थी। मढ़ीनाथ निवासी सत्य प्रकाश उर्फ सत्यम शर्मा एक महिला को लेकर घर में घुस आया। बुजुर्ग को मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। कमरे में मिले 4.50 लाख रुपये लेकर वह चला गया। इसके बाद भी सत्य प्रकाश वसूली करता रहा। बुजुर्ग ने सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुभाषनगर के एक डॉक्टर ने भी हनी ट्रैप गिरोह से परेशान होकर आत्महत्या की थी।
उद्यमी से पहले भी हो चुकी वसूली
इससे पहले भी बेकरी कारोबारी को एक युवती से मिलवाकर उन्हें फंसाया गया था और करगैना चौकी के पास 70 हजार रुपये वसूले गए थे। तब उन्होंने शिकायत नहीं की थी। इसलिए कथित पत्रकारों ने दोबारा वसूली करने के लिए पुलिस से मिलकर जाल बिछा दिया। इस बार उद्यमी ने हिम्मत दिखाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी।