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विधानसभा चुनाव: सुरक्षा बलों की विशेष निगरानी में रहेंगे 223 मतदान केंद्र

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शाहजहांपुर। विधानसभा सामान्य निर्वाचन के लिए भारत निर्वाचन आयोग से जारी आदेशों के अनुपालन में प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या कम कर दी गई है। इससे मतदान केंद्र और उनसे संबद्ध मतदेय स्थल भी पहले की तुलना में बढ़ गए हैं। वर्ष 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा व पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान जिन बूथों पर अराजकता के हालात पैदा हुए, उनसे संबंधित 223 मतदान केंद्रों को क्रिटिकल (गंभीर) श्रेणी में रखा गया है। इनमें जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 65 मतदान केंद्र गंभीर श्रेणी में लाए गए हैं, जबकि ददरौल विधानसभा क्षेत्र में ऐसे मतदान केंदों की संख्या सबसे कम दस है। अधिकारियों के अनुसार इन केंद्रों और उनसे संबंधित बूथों पर मतदान के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
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17 मतदान केंद्र और 209 मतदेय स्थल बढ़े
मतदान के दौरान कोरोना गाडलाइन, विशेषकर जन सामान्य में सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए आयोग ने सभी बूथों पर मतदाताओं की औसत संख्या 1400-1500 से घटाकर अधिकतम 1200 नियत करने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि जिन मतदान केंद्रों से पांच से अधिक बूथ संबद्ध हैं, वहां के बूथ अतिरिक्त मतदान केंद्रों पर समायोजित किए जाएं। इसका अनुपालन किए जाने पर जिले की सभी छह सीटों पर बूथों की संख्या 2424 से बढ़कर 2633 और मतदान केेंद्र 1774 से बढ़कर 1791 हो गए हैं। बूथों के निर्धारण में संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखने के साथ यह भी देखा गया है कि मतदाताओं की वहां तक आसानी से पहुंच हो सके।
अतीत की घटनाओं से क्रिटिकल मतदान केंद्र हुए निर्धारित
अतीत में चुनावों के दौरान जिन क्षेत्रों में मतदान में गड़बड़ी के लिए प्रत्याशियों के समर्थकों में टकराव, मारपीट, पोलिंग पार्टियों से अभद्रता, बूथ कैप्चरिंग, फायरिंग आदि की घटनाएं हुई, उनसे संबंधित मतदान केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में लाया है। इसके लिए आयोग ने कई मानक निर्धारित किए हैं। ऐसे केंद्रों को क्रिटिकल घोषित किया है, जहां अतीत में मतदाताओं को डराने-धमकाने की शिकायत मिली हो या फिर जहां एक ही बूथ पर 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ हो और किसी एक प्रत्याशी के पक्ष में 75 प्रतिशत से अधिक वोट पड़े हों। जिन बूथों पर पुनर्मतदान कराना पड़ा हो, उन्हें भी इसी श्रेणी में लाया है। जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र के मिर्जापुर और कलान ब्लॉक में कई मतदान केंद्र इसीलिए क्रिटिकल श्रेणी में रखे गए हैं। इसी तरह पुवायां विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत खुटार ब्लॉक मेें, कटरा विधानसभा क्षेत्र के जैतीपुर और परौर ब्लॉक में कई मतदान केंद्र भी गंभीर श्रेणी में लाए गए हैं।
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महिला मतदान अधिकारी संभालेंगी पिंक बूथ की कमान
विधानसभा चुनाव में महिला सशक्तिकरण को अमली जामा देने के लिए निर्वाचन आयोग ने हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक पिंक बूथ तैयार कराने के आदेश दिए हैं। इन बूथों की विशेषता यह होगी कि वहां की सारी व्यवस्थाएं महिला कर्मचारी संभालेंगी। इन बूथों पर पीठासीन और मतदान अधिकारी की ड्यूटी महिलाएं ही करेंगी। आयोग के निर्देश पर प्रशासन पिंक बूथों की तैैयारी में जुट गया है। इन बूथों की टीमों का गठन किस तरह और कैसे होगा, अधिकारियों के अनुसार यह अभी तय होना बाकी है।
विधानसभा क्षेत्र कुल मतदान केंद्र क्रिटिकल मतदान केंद्र
131 कटरा 314 38
132 जलालाबाद 308 65
133 तिलहर 298 28
134 पुवायां 347 52
135 शाहजहांपुर 161 30
136 ददरौल 363 10
योग 1791 223
क्रिटिकल श्रेणी के मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की विशेष व्यवस्था के साथ निगरानी तंत्र भी सुदृढ़ किया जा रहा है। निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार ऐसे मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, वीडियोग्राफी और माइक्रो आब्जर्वर की नियुक्ति आदि में कोई एक व्यवस्था स्थायी तौर पर उपलब्ध रहेंगी। विधानसभा क्षेत्र वार महिलाओं द्वारा संचालित एक-एक पिंक बूथ स्थापित करने के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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-रामसेवक द्विवेदी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन
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