बरेली। इस्लामी माह जिलहल्लाजा की 29 तारीख को मोहर्रम उल हराम का चांद नजर आ गया। इसका एलान दरगाह आला हजरत स्थित मरकजी दुरुल इफ्ता से रुयते हिलाल कमेटी ने कर दिया है।
इस संबंध में काजी ए हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को चांद देखने की शरई शहादत मिल गई है। लिहाजा शुक्रवार को माहे मोहर्रम की पहली तारीख होगी। इस लिहाज से यौम ए आशुरा 30 अगस्त का होगा। जमात रजा मुस्तफा के प्रवक्ता समरान खान ने इस्लामी नए साल 1441 हिजरी की शुरुआत पर लोगों को मुबारकबाद दी है। साथ ही बताया कि मरकजी दारुल इफ्ता की ओर से रुयते हिलाल कमेटी ने चांद देखने का एहतमाम किया था। मौसम साफ होने की वजह से आम रुयत हुई है। वहीं शुक्रवार से सुन्नी हल्कों में भी नियाज नजर का सिलसिला शुरू हो जाएगा।