उपचार के दौरान 23 नवंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। पहले फौजी के खिलाफ धक्का देने के आरोप में आईपीसी की धारा 308 के तहत रिपोर्ट की गई थी। जिसे मौत के बाद हत्या में तब्दील कर दिया गया। सोनू के साथ जब यह घटना हुई तब वह राजपूताना राइफल्स रेजिमेंट, किशनगढ़, राजस्थान जा रहे थे।
भाई का आरोप- कार्रवाई के नाम पर टाल रही जीआरपी
सीआरपीएफ में तैनात फौजी के भाई जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि जीआरपी ने कार्रवाई के नाम पर अब तक कुछ नहीं किया। सिर्फ आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। फोन पर इंस्पेक्टर ने बताया कि उनका तबादला हो चुका है लेकिन जो मौजूदा विवेचक हैं, वे साक्ष्य जुटा रहे हैं। यह पूछने पर कि अब तक गिरफ्तारी और कुर्की क्यों नहीं हुई। इंस्पेक्टर ने कहा कि जीआरपी प्रयास कर रही है।
सीसीटीवी में कैद है घटना
सीओ ने बताया कि सीसीटीवी में घटनाक्रम रिकॉर्ड है। पुलिस ने रेलकर्मी के बयान लिए हैं। इसमें धक्का देने की पुष्टि की गई है। फौजी के गिरने के बाद जब सैन्य कर्मी पहुंचे तो उन्हें यही बात पता लगी थी कि टीटीई ने धक्का दिया है। इसकी रिपोर्ट सूबेदार ने दर्ज कराई थी। तहरीर की पुष्टि सैन्यकर्मी ने विवेचक को दिए बयान में की है।