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Bareilly News: क्या डग्गामार वाहनों से स्कूल आ रहे बच्चे... होगी जांच

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बरेली। स्कूली वाहनों के लिए नए लाइसेंस जारी करने के लिए जब आवेदन खुले हुए हैं। उसके बाद भी आवेदन परिवहन विभाग को नहीं मिल रहे। जबकि, स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। जब नए लाइसेंस जारी नहीं हो रहे तो ऐसे में क्या असुरक्षित रूप से बच्चे डग्गेमार वाहनों से स्कूल आ रहे हैं। शुक्रवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में यह मुद्दा उठा। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने परिवहन विभाग को स्कूली बच्चों को लेकर आ रहे वाहनों की जांच के लिए आदेश दिया है।
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आयुक्त कार्यालय में हुई बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि आवेदन नहीं आने का मतलब यही है कि अभी भी स्कूली बच्चे डग्गामार वाहनों से स्कूल जा रहे हैं। सभी जिलों के डीएम को आदेश दिया है कि स्कूलों की छुट्टी के समय निरीक्षण कराएं। कि कितने डग्गामार वाहन बच्चों को स्कूलों से ला रहे हैं? ऐसे वाहनों पर कार्रवाई भी की जाए। स्कूली बस एसोसिएशन के पदाधिकारी द्वारा निवेदन किया गया कि स्कूली वाहन के रुप में डीजल गाड़ियों को भी परमिट दिया जाए।

मंडलायुक्त को बताया गया कि बरेली के नवदिया झादा पर ओवरब्रिज के निर्माण के लिए वन विभाग से पेड़ों के काटने के लिए एनओसी की आवश्यकता है। वहीं एएनए कॉलेज के पास अवैध कट को बंद कराने, फतेहगंज पश्चिमी में श्रीराधा-कृष्ण मंदिर के पास से आ रहे लोगों को रोकने और जरूरत को देखते हुए सर्विस रोड बनाए रखने की मांग रखी गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को इसका परीक्षण कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। बैठक में एडीएम प्रशासन दिनेश के अलावा चारों जिलों के परिवहन अधिकारी, नगर निगम अधिकारी मौजूद रहे।
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इनसेट
स्कूलों की छुट्टी अलग-अलग समय पर हो
मंडलायुक्त ने कहा कि स्कूलों की छुट्टी के समय जाम के हालात बन जाते हैं। ऐसे स्कूलों का सर्वे किया जाए। जरूरत होने पर एक ही इलाके के स्कूलों की छुट्टी का समय अलग-अलग रखा जाए। छुट्टी के समय में अंतर होने पर एक साथ वाहन सड़क पर नहीं आएंगे। इससे ट्रैफिक को सुचारू रखने में मदद मिलेगी।

इनसेट-
बरेली में हादसे कम, बदायूं में बढ़े
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि 2019 से 2023 तक दुर्घटनाओं में न तो कमी आई है और न ही वृद्धि हुई है। जबकि वाहनों की संख्या बढ़कर मंडल में 7.5 लाख हो चुकी है। 2022 व 2023 की तुलना में जरूर बरेली में दुर्घटनाओं में कमी मिली। जबकि, बदायूं में बढ़ोतरी हुई है। दुर्घटनाओं का मुख्य कारण ओवरस्पीड, गलत दिशा में चलना, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम परिवहन विभाग करेगा।
अनफिट स्कूल वाहनों पर कार्रवाई करें
मंडलायुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों को कहा है कि जिन स्कूल वाहनों को फिटनेस नहीं लेने पर नोटिस जारी किया गया था। इनकी समीक्षा की जाए। जिन वाहनों की फिटनेस नहीं मिले। उनके खिलाफ कार्रवाई करें। जर्जर व पुराने स्कूल वाहनों को चिह्नित किया जाए। ऐसे वाहनों के पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई भी कराएं।
हादसों के कारण बताएं अधिकारी
2024 में जिन हादसों में तीन या अधिक लोगों की मौत हुई। इन हादसों की क्रैश जांच समिति की रिपोर्ट के साथ कारणों का विश्लेषण कर प्रस्ताव देने के लिए मंडलायुक्त ने कहा है। यह निर्देश पिछले साल की तुलना में बरेली संभाग में सड़क दुर्घटनाओं में 6.7 फीसदी और मृतकों की संख्या में 2.3 फीसदी बढ़ोतरी के बाद दिया गया है। अमर उजाला ब्यूरो
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