अमर उजाला अपराजिता ‘100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत निबंध प्रतियोगिता में छात्राओं ने रखी अपनी राय
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रतिभागियों प्रदान किया गया प्रशस्ति पत्र
बरेली। हर रोज कोई ने कोई बाला बलि चढ़ जाती है, कभी जलाकर फेंका जाता है तो कभी काट दी जाती है। अमर उजाला के ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के तहत शनिवार को एसआर इंटरनेशनल स्कूल में ‘महिला सुरक्षा की चुनौतियां’ विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में छात्राओं का यह दर्द भी सामने आया। वहीं छात्राओं ने यह भी कहा कि अपनी सुरक्षा का जिम्मा हमें खुद उठाना होगा। कोई परेशान करे तो खामोश रहने के बजाए उसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा। मदद को कोई दूसरा आए इससे अच्छा कि हम खुद जवाब दें।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाली 10वीं की छात्रा उदिति सिद्धू ने लिखा कि हम नवरात्र में मां दुर्गा को पूजने के लिए उनके स्वरूप के रुप में कन्याओं को खोजते हैं लेकिन फिर साल भर इन कन्याओं साथ पाप क्यों होता है। खुद के साथ अन्याय होने पर हमें खुद उसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा। द्वितीय स्थान पाने वाली 11वीं की हिमांशी वशिष्ठ ने महिला हेल्पलाइन और तकनीक की दुनिया में खुद को कैसे सुरक्षित रखें, इस पर फ ोकस किया। उन्होंने लिखा कि सोशल मीडिया के जरिये कई लड़कियां शोषण का शिकार हो जाती हैं। तीसरा स्थान पाने वाली नौवीं की अंशिका सिंह ने कहा कि दूसरों पर निर्भर रहने के बजाए लड़कियां अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद उठाएं। अगर कोई परेशान करे तो चुप न बैठें, जवाब दें। इसके अलावा नौवीं कक्षा की मोनिका और रिया रस्तोगी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सभी प्रतिभागी छात्राओं को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। हिंदी के शिक्षक कमलेंद्र तिवारी निर्णायक की भूमिका में रहे। प्रधानाचार्य फ्र ांसिस जेवियर पांडे ने छात्राओं को डायल 100, 181, 1090 हेल्पलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेटियां खुद को कभी कमजोर न समझें। नारी से ज्यादा शक्तिशाली इस धरती पर कोई नहीं, बस उसे अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है। उन्होंने प्रत्येक छात्रा को भारतीय संस्कृति को संजोते हुए खुद को सबल बनाने का सुझाव दिया। एमडी रूमा गोयल ने छात्राओं को बधाई दी। इस मौके पर दिव्या शर्मा, सुरभि मेहरोत्रा, रविंद्र आनंद, अपर्णा गायन, ओपी कोहली, अक्षय मिश्रा, गगन दीप सिंह, हितेश वर्मा आदि मौजूद रहे।