कोर्ट ने पुलिस से मांगी थी रिपोर्ट
मौलाना तौकीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर अधिवक्ता की तरफ से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें अदालत ने कोतवाली से रिपोर्ट मांगी थी। कोतवाली से रिपोर्ट न आने के कारण इसमें तारीखें पड़ती रहीं। अब इस मामले में कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट अदालत में रिपोर्ट भेज दी।
इसके बाद अदालत ने अधिवक्ता की अर्जी को खारिज कर दिया। इससे तौकीर रजा को बड़ी राहत मिली। बता दें कि 2010 के दंगे के मामले में अदालत ने मौलाना को भी आरोपी बनाया है। इसमें उन्हें अदालत में पेश होना था। मौलाना अदालत में पेश नहीं हुए। सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई में स्टे कर दिया है।