गेहूं निकासी के दाम को लेकर हुआ था झगड़ा, एसपी देहात ने किया मुआयना
रामनगर/सिरौली (बरेली)। लॉकडाउन में खेती-किसानी के काम को छूट देने के साथ ही गांवों में खूनी संघर्ष शुरू हो गया है। थाना क्षेत्र के गांव नसरतगंज में ट्रैक्टर ड्राइवर की दूसरे ड्राइवर ने गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों में शुक्रवार शाम कम दाम पर गेहूं निकासी को लेकर प्रतिस्पर्धा के बाद विवाद शुरू हुआ था। आरोपी पक्ष फरार है। लॉकडाउन में पांच दिन पहले शहर में भाजपा नेता डंपी की हत्या कर दी गई थी।
नसरतगंज के 38 वर्षीय प्रेमपाल यादव और रविंद्र सिंह अपने ट्रैक्टरों से किसानों के गेहूं निकालते हैं। शुक्रवार को दोनों में कम दामों पर गेहूं निकालने को लेकर कहासुनी हो गई थी। प्रेमपाल 20 पीपा गेहूं निकालने पर किसानों से एक पीपा गेहूं किराये के रूप में लेते थे। वहीं रविंद्र और उसके सहयोगी पान सिंह का कहना था कि वह 15 पीपा गेहूं निकासी करने पर ही एक पीपा गेहूं ले लेते हैं। रविंद्र का आरोप था कि कंपटीशन में प्रेमपाल ने भाव खराब कर दिया है। बताते हैं कि झगड़े में प्रेमपाल ने पान सिंह को दो थप्पड़ मार दिए। इससे तनातनी बढ़ी तो लोगों ने दोनों को समझाकर अलग करा दिया।
इस बीच रविंद्र और पान सिंह ने बदला लेने की योजना बना ली। प्रेमपाल के परिवार के मुताबिक, शनिवार दोपहर तीन बजे प्रेमपाल गेहूं निकासी कर ट्रैक्टर से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में रविंद्र और पान सिंह अपने एक साथी के संग पहले से घात लगाए बैठे थे। उन्होंने प्रेमपाल को ट्रैक्टर से खींच लिया और तीन फायर कर दिए। एक गोली प्रेमपाल के सीने में लगी और वह चीखते हुए गिर गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर तमाम ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। घायल प्रेमपाल को आंवला सीएचसी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से गांव में दहशत फैल गई। कोतवाल राहुल सिंह की सूचना पर एसपी देहात डॉ. संसार सिंह और सीओ आंवला रामप्रकाश मौके पर पहुंचे। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
गेहूं निकासी में सौदेबाजी को लेकर प्रेमपाल और दूसरे पक्ष में झगड़ा हो गया था। इसी वजह से हत्या की गई है। परिवार की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
भाजपा नेता की हत्या में प्रधान से पूछताछ जारी
बरेली। पांच दिन पहले बारादरी क्षेत्र के एजाजनगर गौंटिया में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के महानगर उपाध्यक्ष यूनुस अहमद उर्फ डंपी की चार गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। नामजद तीन आरोपियों में से दो को पुलिस जेल भेज चुकी है। मुख्य आरोपी रिटायर्ड फौजी सिराजुद्दीन अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। उसके मौसेरे भाई भमोरा क्षेत्र के प्रधान को थाने में बैठाकर बारादरी पुलिस तीन दिन से पूछताछ कर रही है। अभी तक मामले में उसकी भूमिका साबित नहीं हो सकी है। ब्यूरो