प्रदेश में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘डेल्टा प्लस’ और ‘कप्पा’ के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। इन्हें कोरोना की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार माने जा रहे वायरस ‘डेल्टा’ और ‘एवाई-1’ का बदला स्वरूप बताया जा रहा है। वायरस के नए स्वरूप से संक्रमित मिले लोग दूसरे राज्यों से लौटे थे। शनिवार को मुंबई से वापस आए एक कारोबारी के संक्रमित मिलने पर उसे कोविड चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। अब शासन ने भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लिहाजा स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग का शेड्यूल तय कर दिया है।
डेढ़ साल बाद शनिवार को बरेली से दादर रवाना हुई बरेली-लोकमान्य टर्मिनस एक्सप्रेस मंगलवार को वापस आएगी। ट्रेन में मुंबई से वापस आने वालों की तादाद ज्यादा होगी। इसे देखते हुए सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग के निर्देश पर सैंपलिंग इंचार्ज डॉ. सीपी सिंह ने टीमें गठित कर दी हैं। तेजी से सैंपलिंग के लिए दो एलटी, एलए समेत सहयोगी स्टाफ भी लगाया गया है।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की रोकथाम में बस चालक अड़चन बन रहे हैं। टोल प्लाजा पर पहुंच रही सैंपलिंग टीम के मुताबिक दिल्ली से आने वाले प्राइवेट वाहनों को तो रोककर जांच की जा रही है, मगर रोडवेज बसों के चालक महज पांच से 10 मिनट ही बस रोकते हैं। कई चालक तो बस में कोई भी दिल्ली की सवारी न होने की बात कहकर बस रोकते ही नहीं हैं। इससे सैंपलिंग प्रभावित हो रही है।
आशंका है कि कई लोग वाहन बदलकर भी बरेली पहुंच सकते हैं। ऐसे में ग्राम और शहर में पूर्व में सक्रिय रहीं निगरानी समितियों को फिर से सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि समितियों को अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले व्यक्ति की पहचान, उसकी सैंपलिंग कराने और निगरानी करने को कहा गया है।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में हाल ही में मुंबई, दिल्ली में किसी डेल्टा प्लस, कप्पा वैरिएंट से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने की जानकारी मिलने पर संक्रमित की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी। इसके लिए सैंपल शासन द्वारा निर्धारित लखनऊ लैब में भेजा जाएगा। शनिवार को संक्रमित मिले मुंबई के व्यक्ति के भी जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल लिया गया है।