आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा खान ने अपने चचिया ससुर इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां को उनके बयान पर घेरा है। बृहस्पतिवार को प्रेस को दिए बयान में निदा ने कहा, अगर उन्हें महिलाओं से हमदर्दी होती तो वह उनके खानदान की बहू थीं...उन्हें ही इंसाफ दिला देते।
निदा खान ने कांग्रेस-आईएमसी गठबंधन होने के बाद ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे पर दिए गए मौलाना तौकीर के बयान पर कटाक्ष किया है। मौलाना तौकीर ने इस नारे का हवाला देते हुए कहा था कि वह प्रियंका गांधी के साथ बड़े भाई की तरह खड़े हैं।
इस पर निदा खान ने कहा कि मौलाना अपने घर की बहू को इंसाफ दिलाने के लिए कभी आगे नहीं आए। मौलाना के भतीजे से मिले तीन तलाक के कारण ही उन्हें दर-दर की ठोकरें खानी पड़ीं। कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन कहने के बावजूद मौलाना ने कभी साथ नहीं दिया। उनके यहां से मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ हमेशा फतवे जारी होते रहे।
महिलाओं के मान-सम्मान को कुचला गया। आज वही महिलाओं के हक की बात कर रहे हैं। यह सिर्फ जुमलेबाजी है। निदा ने कहा कि आज जिस कांग्रेस को मौलाना तौकीर ने समर्थन दिया है, वह भले ही ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतरी हो मगर उसने भी तीन तलाक का विरोध किया। कभी महिलाओं के सम्मान की बात नहीं की।