तीनों आरोपियों से मांगे थे 15 लाख
फरीदपुर पुलिस ने स्मैक तस्करी के आरोप में नवदिया अशोक गांव के जिन तीन आरोपियों को पकड़ा, उनमें आलम, नियाज व अशनूर शामिल थे। आलम अपनी ननिहाल नवदिया अशोक में रहता है। फरीदपुर बड़ा बाईपास पर आलम के नाना का समनानी मुस्लिम ढाबा है। ढाबे को आलम ही संचालित करता है। सूत्रों के मुताबिक अशनूर ने बताया कि इंस्पेक्टर ने तीनों व्यक्तियों को छोड़ने के लिए 15 लाख रुपये की मांग की थी। फिर साढ़े दस लाख रुपये में बात हो गई थी। सात लाख रुपये लेकर दो तस्करों को छोड़ दिया।
हवालात में मिले आरोपी ने खोली इंस्पेक्टर की पोल
इंस्पेक्टर ने थाने में जो डील की, उसकी पूरी पुष्टि हवालात में बंद आरोपी और थाने के रिकार्ड ने कर दी। सीओ ने थाने में बनी हवालात का निरीक्षण किया तो वहां मौजूद नवदिया अशोक गांव निवासी आरोपी असनूर मिला। उसे रिकार्ड में दाखिल नहीं किया गया था, बिना लिखीपढ़ी के ही उसे हवालात में बंद कर दिया गया था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पुलिस तीन लोगों को पकड़कर लाई थी। इसमें आलम व नियाज अहमद को सात लाख रुपये लेकर छोड़ दिया गया। उसके पास रुपये नहीं थे तो नहीं छोड़ा गया। सीओ ने सुपुर्दगी रजिस्टर देखा तो छोड़े गए दोनों आरोपियों के नाम दर्ज थे। एसपी मानुष पारीक ने बताया कि मामले की विवेचना किसी दूसरी सर्किल के सीओ से कराई जाएगी।