मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को बदायूं में विकास रैली में सपा के चुनावी अभियान का शंखनाद करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और बसपा की नीतियों पर तीखे तंज करते हुए कहा कि जनता को अब केंद्र और प्रदेश के विकास कार्यों की तुलना करके अपना फैसला देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालात बदले हैं, हमने काम करके दिखाया है। आज प्रदेश में निवेशक काम करने को तैयार हैं। एक सवाल कानून व्यवस्था पर उठता है इस पर अभी और काम होना है। अक्तूबर से फास्ट पुलिसिंग बाद फर्क दिखाई देगा। इस मौके पर 450 करोड़ के 71 कामों के अलावा बदायूं से बरेली फोरलेन व चार अन्य सड़कों का लोकार्पण करने के साथ ही उन्होंने पुलिस में 35,000 नई भर्तियां करने बदायूं में सम्राट अशोक के नाम पर पर्यटन स्थल बनाने सहित कई घोषणाएं की। इसके बाद बरेली में रामगंगा के पास चौबारी में एक कार्यक्रम में ई-रिक्शा का वितरण किया। साथ ही बरेली में जल्द ही समाजवादी कैंटीन शुरू करने की घोषणा की।
दातागंज रोड पर आयोजित विकास रैली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की खूबियां तो गिनाईं ही, बसपा और भाजपा पर निशाना लगाने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि तय समय में फोरलेन बन गया। लखनऊ से आगरा एक्सप्रेस के निर्माण के चलते हम दिल्ली से जुड़ गए। शिक्षा और स्वास्थ्य में विशेष काम किया। समाजवादी पेंशन ने गरीबों को बड़ी राहत दी है। इसी साल अक्तूबर के महीने से फास्ट पुलिसिंग के लिए 100 नंबर डायल योजना की शुरुआत की जाएगी, ताकि कॉल करने के 15-20 मिनट के भीतर पुलिस पीड़ित के दरवाजे पर हो। पुलिस विभाग में भर्ती की प्रक्रिया को सरल कर चालीस हजार भर्तियां की जा चुकी हैं, अभी पैंतीस हजार और की जाएंगी। बदायूं में बिजली की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए दो सब स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। सम्राट अशोक के नाम पर पर्यटन स्थल भी बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की दिशा में काम चल रहा है। घोषणापत्र में जो वादे किए, वो चार साल में ही पूरे करके दिखा दिए। केंद्र सरकार की मदद के बगैर सीमित संसाधन में दुखी किसानों का कर्जा माफ किया। पहली बार 102 और 108 एबुंलेंस योजना लागू कर हजारों लोगों की जिंदगी बचाने का काम भी किया।
भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अच्छे दिन दो साल में भी नहीं आ पाए हैं। एक सरकार ने लोन के ई-रिक्शे बांटकर कोरी वाहवाही लूटी, जबकि समाजवादी सरकार ने मुफ्त में ई-रिक्शे प्रदान कर लोगों को रोजगार दिया है। बसपा ने पत्थर के काम कर वाहवाही लूटी, हमने मेडिकल कॉलेज खोलकर एमबीएसएस की दो हजार सीटें बढ़ाई हैं। अगली सरकार सपा की बनती है तो बदायूं में पैरामेडिकल कॉलेज भी खोला जाएगा। बिजली व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। बदायूं-गुन्नौर मार्ग को फोरलेन कराया जाएगा।
सभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से बरेली के लिए रवाना हो गए। इससे पहले सांसद धर्मेंद्र यादव, एमएलसी बनवारी सिंह यादव, राज्यमंत्री ओमकार सिंह, दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा, विधायक आशुतोष मौर्य, राम खिलाड़ी यादव, आशीष यादव, डा. यासीन उस्मानी ने विचार रखे। संचालन दूरदर्शन लखनऊ से आईं उद्घोषिका अर्चना ने किया।
सीएम ने दिखाई ई रिक्शों को हरी झंडी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ई रिक्शा चालकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से चार सौ पात्रों को ई रिक्शा वितरित करने की योजना थी। इसमें 397 पात्रों ने ही अपने पुराने रिक्शे डूडा में जमा किए तो इनको ही ई रिक्शे दिए गए। पीओ डूडा विनय सिंह ने बताया कि तीन लाभार्थियों की तबियत खराब होने से वह अपने रिक्शे जमा नहीं कर पाए तो इनके ई रिक्शे बाद में दिए जाएंगे।
मैं कतरा होके भी तूफानों से ...
एमएलसी डा. वसीम बरेलवी ने मुख्यमंत्री की शान में हमेशा की तरह फिर शेर पढ़कर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनको यकीन नहीं था कि युवा मुख्यमंत्री से चौथी मुलाकात इस रूप में (एमएलसी) होगी। वह इतनी जल्दी उनको एमएलसी बना देंगे। ये बरेली वालों पर अहसान है। सपा ने साहित्य, कलम और शायरों की इज्जत की। डा. वसीम बरेलवी ने शेर पढ़ते हुए कहा कि मैं कतरा होके भी तूफानों से जंग लेता हूं, मुझे बचाना समुंदर की जिम्मेदारी है। डा. बरेलवी यहीं पर नहीं रुके। आखिर में उन्होंने ये शेर भी पढ़ा कि ‘अजब समाज है कितनी भी अच्छी बात कहो, कोई न कोई बुराई निकाल ही लेता है।’
कार्यक्रम में ये मौजूद रहे
मेयर डा. आईएस तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह, सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री और विधायक भगवतसरन गंगवार, सियाराम सागर, अताउर्रहमान, शहजिल इस्लाम, एमएलसी घनश्याम लोधी और डा. वसीम बरेलवी, दर्जा मंत्री साधना मिश्रा, आबिद खां, पूर्व सांसद सर्वराज सिंह, पूर्व विधायक इस्लाम साबिर, शकील कुरैशी, जफरबेग, प्रमोद विष्ट, हरीशंकर यादव, संजीव यादव, सूरज यादव, शुभलेश यादव, गौरव सक्सेना, दीपक शर्मा, ध्रुव चतुर्वेदी आदि।
इसी सप्ताह भेजेंगे समाजवादी कैंटीन का प्रस्ताव
लखनऊ की तर्ज पर बरेली में समाजवदी कैंटीन शुरू करने के आदेश पर डीएम गौरव दयाल ने बताया कि लखनऊ से प्रोजेक्ट का मॉडल मंगाकर दो-तीन दिन में श्रम विभाग से प्रस्ताव मांगने के निर्देश दिए हैं। इस प्रस्ताव को इसी सप्ताह तैयार कराकर मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया जाएगा। शहर में ही कैंटीन के लिए जगह तलाश ली जाएगी।
लखनऊ में चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को ही इस कैंटीन में भोजन दिया जा रहा है। भोजन उपलब्ध कराने का ठेका श्रम विभाग की ओर से रेलवे की कैटरिंग एजेंसी आईआरटीसी को दिया गया है। इसके किचिन में तैयार खाने का वितरण टिफिन के जरिए मजदूरों को किया जा रहा है। एक मजदूर के भोजन पर 41 रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि मजदूर से सिर्फ 10 रुपये ही लिए जाते हैं, बाकी 31 रुपये उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड वहन कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि बरेली में संगठित श्रमिक मिलना मुश्किल है। क्योंकि कैंटीन शहर में एक स्थान पर संचालित होगी जबकि कर्मकार तो जिले के हर गांव और शहर के मुहल्लों में काम करते हैं।