बरेली। हवाई अड्डा के लिए 71 करोड़ रुपये की जमीन खरीदने के साथ ही स्ट्रक्चर के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। बावजूद इसके हवाई सेवा शुरू होने में लगातार विलंब हो रहा हैै। इसे देखते हुए शासन ने सात अगस्त को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ ही प्रशासन के अधिकारियों को लखनऊ बुलाया हैै। सचिवालय में इस मुद्दे को लेकर होने वाली चर्चा में अफसरों से हवाई अड्डा शुरू न होने के कारण पूछे जाएंगे।
पीलीभीत बाईपास रोड पर ग्राम मुड़िया अहमदनगर व चावड़ में 18.3351163 हेक्टेयर जमीन पर हवाई अड्डा निर्माणाधीन है। इसमें 1.1105 हेक्टेयर को छोड़कर बाकी जमीन किसानों से ली गई है। शासन ने इस जमीन को खरीदने के लिए 71.31 करोड़ रुपये जारी किए थे। साथ ही बिजली-पानी सहित दूसरे इंतजामों के लिए भी राज्य सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। शासन की तरफ से यह लेटर जारी हुआ है कि नागर विमानन मंत्रालय की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत बरेली में हवाई अड्डा शुरू होना है। तैयारियों की अभी क्या स्थिति है। निर्माण पूरा होने में अभी और कितना वक्त लगेगा। क्या दिक्कतें आ रही हैं।
शासन को यह दी जानी है रिपोर्ट
- ग्राम मुड़िया अहमदनगर में 0.9100 हेक्टेयर भूमि का विवाद उच्च न्यायालय में लंबित है। 0.0425 हेक्टेयर भूमि के मालिक के बीच मुआवजे को लेकर सहमति न बन पाने से उसकी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
- ग्राम चावड़ में क्रय की जाने वाली अवशेष भूमि 0.2312 हेक्टेयर भूमि नाबालिग खातेदारों के नाम दर्ज हैं। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
- हवाई अड्डे पर बिजली लाइन शिफ्ट करने के लिए 1,61,77,877 रुपये पॉवर कारपोरेशन के खाते में भेज दिए गए हैं।
- टेलीफोन लाइन के लिए बीएसएनएल को 5423819 रुपये ट्रांसफर हो चुके हैं। केबल पड़ गई है, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं हो सका है।
- पानी आपूर्ति के लिए 199500 रुपये जल निगम को दिए जा चुके हैं। यह काम पूरा हो चुका है।
- ड्रेनेज के लिए 2351700 रुपये जल निगम को दिए जा चुके हैं। अभी काम प्रारंभ नहीं हुआ है।
हवाई अड्डा के कामों की स्थिति जानने के लिए शासन ने सात अगस्त को अफसरों को बुलाया है। इस प्रोजेक्ट को लेकर क्या दिक्कते हैं, इसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है।
-मदन कुमार, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी