ममेरे भाई के कारोबार में हाथ बंटाने कुछ ही दिन पहले मां के साथ नानकमत्ता गया था उदित
शाही। नगर पंचायत के सभासद अनिल रस्तोगी की मां-बेटे और बहन-भांजे की हत्या की सूचना आने के बाद कस्बे में सन्नाटा पसर गया। नानकमत्ता में सभासद के भांजे अंकित ने सराफा का नया शोरूम खोला था। अंकित के बुलाबे पर उनका बेटा उदित दादी सन्नो देवी के साथ कुछ ही दिन पहले उनके कारोबार में हाथ बंटाने नानकमत्ता गया था।
परिवार के मुताबिक अनिल रस्तोगी की बड़ी बहन आशा अपने परिवार के साथ नानकमत्ता में रह रही थीं। बड़े बेटे आदेश का पहले से ही नानकमत्ता में कारोबार चल रहा था। अविवाहित अंकित ने करीब एक महीने पहले ही सराफा की अलग दुकान खोली थी इसलिए आशा देवी अंकित के ही साथ उनके घर में रहती थीं। कुछ ही दूरी पर दूसरे मकान में आशा के पति शिव शंकर रस्तोगी बड़े बेटे आदेश के परिवार के साथ रहते हैं।
नई दुकान खोलने के बाद अंकित रस्तोगी ने नए-नए कारोबार में मदद के लिए अपने मामा अनिल के बेटे उदित को नानकमत्ता बुलाया था। उदित अपनी दादी सन्नो देवी के साथ नानकमत्ता गए थे। सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे बहनोई शिव शंकर रस्तोगी का फोन सभासद अनिल की भाभी कमलेश रस्तोगी के पास पहुंचा। उन्होंने पूरे परिवार को नानकमत्ता आने के लिए कहते हुए बताया कि उदित और अंकित का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना मिलते ही सभासद अनिल रस्तोगी, उनकी पत्नी सरिता, बड़ा बेटा रजत और कुछ और लोगों के साथ नानकमत्ता पहुंचे तो पता चला कि घर में रह रहे चारों लोगों की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। अंकित और उदित के शव दूर झाड़ियों में पड़े मिले। शन्नो और आशा के शव घर में मिले।
आरोप : घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार ने धमकाया था
मृतक अंकित रस्तोगी के बड़े भाई आदेश रस्तोगी ने बताया कि करीब पांच दिन पहले अंकित ने नगर पंचायत नानकमत्ता में निर्माण कार्य में खराब गुणवत्ता की ईटें लगाने का विरोध किया था। इस पर ठेकेदार ने शोरूम पर आकर अंकित को धमकाया था और सबके सामने जान से मारने की धमकी भी दी थी। उन्होंने आशंका जताई कि इसी विरोध के कारण उन लोगों की हत्या की गई है।
सराफा कारोबार है जानकार था उदित
सभासद अनिल रस्तोगी का पूरा परिवार ही सराफा कारोबार करता है। उदित रस्तोगी ने भी कुछ समय पहले बरेली में जेवरात जोड़ने समेत उसके अन्य कार्य को सीखा था। इसी वजह से जब उनके फुफेरे भाई अंकित ने नया शोरूम खोला तो वह मदद के लिए उदित को अपने साथ ले गए।
इकलौती बहन थीं आशा
परिवार वालों के मुताबिक सभासद अनिल रस्तोगी चार भाई बहन हैं। इनमें दिनेश रस्तोगी, सुरेंद्र रस्तोगी और अनिल रस्तोगी तीन भाई हैं। आशा रस्तोगी तीन भाइयों के बीच इकलौती बहन थीं।