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अपहरण के बाद कई घंटे बरेली में ही रखा गया हर्षित को

Tue, 07 Nov 2017 02:14 AM IST
बरेली
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पुलिस की प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक अपहरण के बाद हर्षित गुप्ता (20) को कई घंटे तक बरेली में ही कहीं बंधक बनाकर रखा गया था। इस दौरान हाथ पैर-बांधकर उसे बेरहमी से पीटा गया। शव के सीने पर मिले रस्सी से बांधने के निशानों से पुलिस के इस तथ्य की पुष्टि भी हो रही है। सिर और माथे पर खुली चोटें दिख रही हैं। पुलिस के मुताबिक हर्षित की हत्या बरेली में ही की गई थी। इसके बाद लाश को किच्छा के पास ले जाकर गन्ने के खेत में फेंका गया था। हर्षित के पिता अशोक ने शक के आधार पर उसके दोस्त वसंतविहार निवासी सुनील शर्मा के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने सुनील को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
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अशोक के मुताबिक कारोबारी रंजिश में हर्षित की हत्या हुई है। हर्षित के साथ साझेदारी में सुनील हल्द्वानी में कंप्यूटर शोरूम खोलना चाहता था। अपहरण से दो दिन पहले हर्षित ने साझेदारी से मना कर दिया था। अशोक का आरोप है कि इसी रंजिश में हर्षित की हत्या हुई है। खास बात यह है कि हर्षित का मोबाइल गायब था, जबकि कलाई पर बंधी घड़ी सलामत मिली है। इससे साफ है कि अपहरण रंजिश पूरी करने के लिए ही किया गया था लूटपाट के लिए नहीं।

.. तो क्या कोई महिला भी है हत्या में शामिल 
हर्षित के पैर साड़ी के फॉल से बंधे मिले थे। पुलिस को अंदेशा है कि हत्या में किसी महिला की संलिप्तता भी हो सकती है। यह भी हो सकता है कि जहां हर्षित को बंधक बनाकर रखा गया था, वहां किसी महिला की मौजूदगी रही हो।  
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सुनील भी अशोक के साथ गया था थाने 
हर्षित के अपहरण के बाद अशोक गुप्ता ने चार नवंबर की रात 3.30 बजे सुनील को फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। इस पर अशोक चार बजे उसके तलाशने के लिए वसंत विहार पहुंचे लेकिन उसका घर ही नहीं मिला। सुबह 6.30 बजे सुनील ने अशोक को फोन किया और कहा, वह उनके पास पहुंच रहा है। इसके बाद सुनील, अशोक के साथ तहरीर देने प्रेमनगर थाने पहुंचा। 

प्रॉपर्टी के कमीशन का विवाद भी आया सामने 
पुलिस तफ्तीश में प्रॉपर्टी के कमीशन का विवाद भी सामने आया है। हर्षित प्लाटिंग का भी काम करता था। एक प्लाट बेचने के दौरान पांच लाख रुपये के कमीशन को लेकर विवाद होने की बात भी सामने आई है। यह विवाद किससे था, इसकी पुलिस जांच कर रही है। 

फोटो - 
तड़पा-तड़पाकर मार दओ लल्ला, काऊ को का बिगाड़ो 
बेटे की मौत से बेसुध कुसुम पति के सीने से लिपट कर बिलख रहीं
जिसने सुना वही दौड़ा, परिवार में मचा कोहराम  
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। बीस वर्षीय हर्षित की शादी की बात घर में चलने लगी थी। मां कुसुम ने बेटे को लेकर कई ख्वाब संजोए थे, लेकिन किसी ने बेरहमी से उनके ख्वाबों का कत्ल कर दिया। सोमवार रात करीब दस बजे किच्छा से वापस लौटे पति अशोक गुप्ता से लिपटकर रोती हुई कुसुम बस यही कहे जा रही थीं- तड़पा-तड़पाकर मार दओ हमारो लल्ला, उसने काऊ को का बिगाड़ो। वो तो इतनो सीधो हो कि काऊ से झगड़ा नाय करत हो। कुसुम के विलाप ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। हर्षित की बहन दिपाली और छोटे भाई अर्पित का भी रो-रोकर हाल बुरा है। 

एक महीने पहले ही कुवैत से लौटा था हर्षित
दिपाली ने बताया कि एक महीने पहले हर्षित कुवैत से लौटा था। वहां उसने आठ महीने नौकरी की थी। फिलहाल वह कारोबार में पिता का हाथ बंटाता था। दिपाली का कहना था कि इससे अच्छा तो भइया कुवैत में ही रहते। क्या मालूम था यहां लौटते ही ऐसा हो जाएगा।

हेलमेट लगाए था अपहरणकर्ता 
सीसी कैमरे में धुंधली तस्वीरें नजर आईं
बरेली। हर्षित के घर के सामने एक कोठी में लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को जो तस्वीर मिली है, उसमें हर्षित हेलमेट लगाए एक बाइक सवार के पीछे बैठा दिख रहा है। इससे पहले हेलमेट लगाए शख्स ने करीब 13 मिनट सड़क पर खड़े होकर हर्षित से बात की थी। जाहिर सी बात है कि बाइक सवार हर्षित का कोई नजदीकी था। पुलिस हर्षित के अपहरण में इस बाइक सवार की भूमिका को अहम मान रही है। अशोक के मुताबिक, चार नवंबर की शाम करीब 7.40 बजे हर्षित अपनी सेंट्रो कार से शोरूम से घर लौटा था। इसी दौरान स्वयंवर बारात घर की तरफ से एक बाइक सवार युवक पहुंचा। करीब 7.53 बजे तक हर्षित बाइक सवार युवक से बात करता रहा। इसके बाद बाइक सवार उसे अपने साथ ले गया। सीओ तृतीय नीति द्विवेदी और प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर पंकज वर्मा देर रात तक पुलिस हेलमेट लगाए युवक का सुराग लगाने के लिए रोड के सभी घरों में लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगालते रहे। 
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