नवाबगंज। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर तहसील परिसर में धरने पर बैठे किसानों का प्रदर्शन बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को अधिवक्ता संघ व आजाद समाज पार्टी के लोग भी किसानों को समर्थन देने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बकाया भुगतान जल्द करने की मांग की।
ओसवाल चीनी मिल पर पिछले सत्र का करीब 70 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। भुगतान में देरी के चलते ही इस सत्र में मिल को गन्ना पेराई से भी रोक दिया गया है। लंबे समय से किसान बकाया भुगतान देने की मांग कर रहे हैं, मगर मिल प्रबंधन उनकी सुनवाई नहीं कर रहा।
नाराज किसान तहसील परिसर में ही धरने पर बैठ गए। एसडीएम उदित पंवार और तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह के समझाने के बाद भी किसानों ने बकाया भुगतान मिले धरना समाप्त करने से इन्कार कर दिया है। पैनी नजर सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार भी धरना स्थल पर पहुंचीं। समझाने पहुंचे सहकारी गन्ना सचिव और ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक मणिकांत को भी किसानों ने अपने साथ बैठा लिया।
बृहस्पतिवार को अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष हाजी माजिद हुसैन जैदी अन्य अधिवक्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से एकजुटता दिखाई।
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बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए सौंपा ज्ञापन
बहेड़ी। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने केसर चीनी मिल से बकाया गन्ना भुगतान दिलाने के लिए एक ज्ञापन नायब तहसीलदार दिवाकर सिंह को सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में अन्य मांगें भी उठाईं। ज्ञापन देने पहुंचे भाकियू के तहसील अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता उर्फ खन्ना, चौधरी जगत सिंह, दानिश बाबा, पवन गुप्ता, यामीन मलिक, प्रेम गुप्ता, समीर, शोएब रजा, गुलाब रजा, मोहम्मद आरिफ ने कहा कि बहापुर गन्ना तौल केंद्र को पीलीभीत के स्थान पर वापस केसर चीनी मिल को दिया जाए। शोएब खान ने बताया कि चीनी मिल पिछले सत्र का बकाया ही नहीं दे रही है। इससे किसान परेशान हैं। आश्वासन दिया गया था कि जमीन की नीलामी के बाद किसानों को भुगतान कराया जाएगा, मगर अब तक जमीन ही नीलाम नहीं हो पाई है। संवाद