बरेली। एसडीएम सदर की लापरवाही पर एडीएम प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पांच बार पत्राचार के बाद भी एसडीएम सदर ने उनकी कोर्ट में चल रहे मामले में मौके की जांच रिपोर्ट नहीं दी है। नतीजा ये है कि मुकदमे की कार्रवाई आठ महीने से ठप है और वादी एवं प्रतिवादी को कोर्ट से तारीख पर तारीख ही मिल रही है। अब फिर कोर्ट ने एसडीएम को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट मांगी है।
मामला आयशा अनीस बनाम अजमत खां आदि से जुड़ा है। यह मामला दिसंबर 2024 से एडीएम प्रशासन की कोर्ट में चल रहा है। 18 अगस्त को भी इसी मामले में तारीख थी, लेकिन संबंधित अभिलेख नहीं होने पर इसमें फिर अगली तारीख लग गई है। इससे नाराज पीठासीन अधिकारी/एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने एसडीएम को तुरंत जांच रिपोर्ट देने की हिदायत देकर पेशी की अगली तारीख 28 अगस्त से पहले न्यायालय में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसडीएम सदर से कहा है कि संबंधित अभिलेख विलंब से प्रस्तुत करने की स्थिति में कोर्ट की ओर से संबंधित फाइल पर आपकी ओर से बरती गई शिथिलता को अंकित कर अंतिम आदेश पारित कर दिया जाएगा। इसकी एक कॉपी राजस्व परिषद को भी भेजी जाएगी। उन्होंने खेद जताते हुए कहा है कि निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी एसडीएम ने जरूरी अभिलेख न्यायालय को उपलब्ध नहीं कराए हैं। संवाद
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छठी बार कोर्ट की तरफ से लिखा गया पत्र
एडीएम प्रशासन कोर्ट की तरफ से एसडीएम सदर को मुकदमे की पेशी के दिन ही (18 अगस्त) को छठी बार पत्र लिखा गया है। एडीएम प्रशासन की कोर्ट 17 दिसंबर से मौके की जांच रिपोर्ट एसडीएम सदर से मांग रही है। कोर्ट प्रकरण से संबंधित जमीन के गाटा की स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट मांग रहा है। एसडीएम सदर को यह भी आदेश दिया गया हैं कि उप्र राजस्व संहिता-2006 की धारा-30(2) एवं उप्र राजस्व संहिता नियमावली-2016 के 26 में दिए गए सिद्धांतों के तहत स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच रिपोर्ट मय आरसी पत्र-5 व 6 न्यायालय को उपलब्ध कराएं।
अब तक लगी चुकी पेशी की 17 तारीखें
पुराना शहर शहदाना चौराहा के कांकरटोला की आयशा के मामले में पहली तारीख 18 दिसंबर 2024 को सुनवाई हुई थी। प्रकरण गांव सुरला में गाटा-351ग पर 0.2020 हेक्टेयर जमीन का है। इस मामले में वाद की स्थिति जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा में है। अब इसमें फिर 28 अगस्त की तारीख लगी है। इस मामले में अब तक कुल 17 तारीखों में पेशी हो चुकी है और आयशा को तारीख पर तारीख ही मिल रही है।