कल्लू डॉन भी जेल में, रिश्तेदार ने संभाला काम
बरेली पुलिस ने इससे पहले फतेहगंज के ही शातिर स्मैक तस्कर शाहिद उर्फ कल्लू डॉन पर पिट एनडीपीएस एक्ट लगाया था। कल्लू भी खुद स्मैक तस्करी न करके रिश्तेदारों व गुर्गों से काम कराता है। इसी वजह से गिरफ्तारी के बाद स्मैक बरामदगी मुश्किल होती है। कल्लू डॉन की पत्नी इस समय फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत की चेयरपर्सन हैं।
सूत्र बताते हैं कि कल्लू का धंधा आज भी बदस्तूर चल रहा है। बेहद करीबी रिश्तेदार ने उसका काम संभाल लिया है। वह अजमेर, दिल्ली आदि शहरों में रहकर डीलिंग करता है। खुद को सफेदपोश दिखाने की कोशिश करता है। नन्हे के बाद वह भी पुलिस के रडार पर है।
नन्हे ने कहा था- स्मैक मिली नहीं, उसे फंसाया जा रहा है
बोर्ड के समक्ष नन्हे ने अफसरों के फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया था। कहा था कि वह बीमार रहता है। इस धंधे से उसका कोई जुड़ाव नहीं है। तीन बार उसे रिमांड पर लिया गया पर पुलिस को स्मैक नहीं मिली। ऐसे में उसे रिहा करने का आदेश दिया जाना चाहिए। हालांकि, पुराना रिकॉर्ड देखते हुए उसकी अपील ठुकरा दी गई।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि एडवायजरी बोर्ड ने हमारे तर्क स्वीकार कर पिट एनडीपीएस को प्रभावी किया है। नन्हे लंगड़ा एक महीने पहले गिरफ्तार हुआ था। वह 11 महीने और जेल में रहेगा। नन्हे लंगड़ा व कल्लू डॉन के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा।