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Bareilly News: दोषी जेई जिला मुख्यालय से अटैच, आज जारी किया जाएगा आरोपपत्र

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बदायूं। कुंवरगांव क्षेत्र के गांव सिगोई में सरकारी ट्रांसफॉर्मर से निजी नलकूपों को आपूर्ति देने के मामले में दोषी जेई चिरौंजी लाल को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह मियां कुरैशी को कुंवरगांव के जेई का चार्ज दिया गया है।
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सिगोई गांव में बिजली आपूर्ति के लिए सरकारी ट्रांसफॉर्मर काफी समय पहले लगाया गया था, जिससे गांव को आपूर्ति दी जा रही थी। आंधी में खंभे टूटने पर जेई ने सरकारी ट्रांसफॉर्मर से तीन निजी नलकूपों को कनेक्शन देकर आपूर्ति शुरू करा दी थी। ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त लोड बढ़ने से गांव में लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो गई।
ग्रामीणों ने बिना स्वीकृत एस्टीमेट के पोल खड़ाकर लाइन डालने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत की। शिकायत के बाद अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने मामले की जांच अधिशासी अभियंता नागेन्द्र सिंह और अधिशासी अभियंता परीक्षण केके शर्मा से कराई।
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बृहस्पतिवार को टीम ने जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को दी। जांच रिपोर्ट में जेई चिरौंजी को दोषी माना गया। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए जेई के खिलाफ चार्जशीट दर्ज करने व अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति सहित रिपोर्ट मुख्य अभियंता बरेली को भेज दी। सोमवार को जेई को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को जेई को आरोपपत्र भेजा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।


निजी नलकूपों को बिजली आपूर्ति देने में भाकियू असली ने की कार्रवाई की मांग
- सात दिन में कार्रवाई न हुई तो अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर देंगे धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंवरगांव। उपकेंद्र कुंवरगांव क्षेत्र के गांव सिगोई में सरकारी ट्रांसफॉर्मर से निजी नलकूपों को बिजली देने के मामले में अवर अभियंता चिरौंजी लाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभागीय जांच में जेई को दोषी पाए जाने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) असली ने मोर्चा खोल दिया है।
भाकियू असली के जिलाध्यक्ष केपीएस राठौर ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दोषी जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सिगोई में बिना एस्टीमेट के सरकारी ट्रांसफॉर्मर से 4 निजी नलकूपों को लाइन दी गई, जिससे गांव में लो-वोल्टेज की समस्या बढ़ गई। जांच में जेई चिरौंजी लाल दोषी पाए गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। केपीएस राठौर ने चेतावनी दी कि सात दिन में कार्रवाई न होने पर भाकियू असली अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेगी। मौके पर हरीश पटेल, हरबंस पटेल, प्रताप सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
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