फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारी फोर्स के बीच मनाया मुफ्ती आजम हिंद का एक रोजा उर्स

विज्ञापन
आला हजरत की ओर जाने वाले रास्तों पर तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

दरगाह ताजुश्शरिया से किया गया लाइव प्रसारण

बरेली। आला हजरत के छोटे साहबजादे सरकार मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां का एक रोजा उर्स-ए-नूरी बुधवार को मनाया गया। भीड़ न जुटे इसके लिए तमाम पुलिस फोर्स बैरियर लगाए गए थे। उर्स का दुनिया भर में ऑडियो लाइव प्रसारण किया गया।
विज्ञापन

उर्स काजी ए हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती और जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां की निगरानी में मनाया गया। उर्स का आगाज सुबह कुरान ख्वानी और नातो मनकबत से किया गया। इसके बाद पूरे दिन दरगाह आला हजरत और दरगाह ताजुश्शरिया पर सामाजिक दूरी का ख्याल रखते हुए चादर पोशी व गुलपोशी की गई। शाम को मीलाद की महफिल सजी। इसी दौरान 7:14 बजे हुजूर ताजुश्शरिया के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।
मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत रात में तिलावते कुरान से की गई। इसके बाद मुफ्ती आजम हिंद की शान में कलाम पेश किए गए। इस मौके पर उलमा इकराम ने ऑनलाइन तकरीर के माध्यम से मुफ्ती आजम हिंद की जिंदगी पर रोशनी डाली। तकरीर के बाद रात 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद का 40वां कुल शरीफ मनाया गया। आखिर में मुफ्ती असजद रजा खां ने मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ की। इस दौरान हुस्साम मियां, हुम्माम मियां, मुफ्ती आशिक हुसैन, फरमान मियां, मुफ्ती अफजाल, मौलाना अजीम उद्दीन कारी काजिम, मौलाना शम्स रजा आदि मौजूद रहे।

बंद कराई दुकानें, लगाए बैरियर

उर्स में भीड़ रोकने के लिए रात आठ बजे ही आसपास की सारी दुकानें पुलिस ने बंद करा दीं। इसके अलावा मलूकपुर चौराहे से लेकर दरगाह की ओर आने वाले सभी रास्तों पर बैरियर लगाकर पुलिस तैनात कर दी गई। इसके अलावा गलियों में भी जगह-जगह पुलिस तैनात रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें