बरेली। निर्माण कार्य हों या सरकारी कामकाज, सभी में गड़बड़ी। बुधवार को प्रमुख सचिव धर्मार्थ नवनीत सहगल ने जब हालात का जायजा लिया तो वास्तविक स्थिति सामने आते देर न लगी। एडी हेल्थ के निर्माणाधीन नए दफ्तर की बिल्डिंग की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई तो चौपुला से शहामतगंज चौराहा तक फोरलेन की जा रही सड़क के निर्माण कार्य से भी प्रमुख सचिव संतुष्ट नहीं हुए। योजनाओं की समीक्षा में सहगल ने आंकड़ों का खेल पकड़ा और यह भी पाया कि अधिकांश निर्माण कार्य बेहद सुस्ती से किए जा रहे हैं।
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एडीए हेल्थ के दफ्तर पर चलवाया हथौड़ा
एडी हेल्थ निर्माणाधीन दफ्तर पर सहगल ने छेनी-हथौड़ा से ईंट उखड़वाई। उसमें लगा मसाला देखने के बाद क्वालिटी बेहद खराब बताई। निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता का फटकारा। दीवार देखकर बोले- यह भी तिरछी है। लगता है आज ही रिपेयर की गई है। डीएम से इसके निर्माण की तकनीकी जांच कराने को कहा।
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सड़क निर्माण का सैंपल भरवाया
चौपुला चौराहा से शहामतगंज चौराहा फोरलेन के लिए चौड़ी कराई जा रही सड़क के निरीक्षण में नगर निगम की साइड में पैचवर्क में प्रयोग की गई बजरी को खुदवाकर चेक कराया। नक्शे के मुताबिक, दोनों साइड ढ़ाई-ढ़ाई मीटर पैचवर्क होना था लेकिन कार्य सिर्फ दो मीटर ही मिला। उन्होंने नगर निगम की दीवार तोड़कर चौड़ाई पूरी करने को कहा। दूसरे साइड में गिट्टी की खुदाई कराई जो मानक के अनुरूप नहीं थी। जांच के लिए उसका सैंपल भरवाया।
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निर्माणाधीन अस्पताल से भी सैंपल भरवाया
मानसिक चिकित्सालय कैंपस में निर्माणाधीन तीन सौ बेड वाले अस्पताल की ईटें देखीं। मसाले का सैंपल भरवाया। तकनीकी जांच रिपोर्ट तलब की और अस्पताल का नक्शा भी देखा।
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डीआईओएस से भी नाराज
बरेली। प्रमुख सचिव सहगल डीएम और सीडीओ के साथ डीआईओएस आफिस पहुंचे तो डीआईओएस केपी सिंह नदारद थे। दो अन्य कर्मचारियों को गैरहाजिर पाकर उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश किए। इस बीच पहुंचे डीआईओएस से जिले में नवीन विद्यालयों के निर्माणों की स्थिति जाननी चाही जिसे वह नहीं बता सके। पूछा- ऐसे कैसे अपना दफ्तर चलाते हो। जब तुम्हें कुछ पता ही नहीं है तो कैसे स्कूल बनवाओगे। सीडीओ से एक लिपिक का पटल चेक करवाया तो वहां पांच मृतक आश्रितों की नियुक्तियां लंबित थीं। सहगल की प्रतिक्रिया थी- बुरा हाल है यहां। कुछ महीने पहले तिलक इंटर कॉलेज में मिड-डे मील में ब्लेड का टुकड़ा पाए जाने का मामला भी उठा। इस मामले में कार्रवाई न होने के लिए सहगल और डीएम ने डीआईओएस तथा बीएसए के प्रति कड़ी नाराजगी जताई।
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तुम नहीं देखोगे तो क्या मैं देखूंगा
समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों में सुस्ती पर अफसरों पर बिगड़े सहगल
बरेली। एमएसडीपी योजना के तहत निर्माण कार्यों की स्थिति की समीक्षा के दौरान सहगल ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से पूछा कि क्या उन्होंने कोई कार्य मौके पर जाकर देखा है, इनकार करने पर वह बिफर पड़े। बोले- तुम नहीं देखोगे तो क्या मैं देखकर आऊंगा। बाकी अफसरों को भी लगे हाथ हिदायत दे डाली कि सब अपने-अपने विभागों से संबंधित निर्माण कार्यों पर लगातार नजर रखें।
विकास भवन सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने सौ फुटा रोड के टेंडर हर हाल में 15 फरवरी तक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने 90 फीसदी तक धनराशि प्राप्त होने वाले सभी निर्माण कार्य फरवरी तक पूरे कराने के आदेश दिए। बिजली के अफसरों ने बताया कि शहर में 20 घंटे और देहात में 16 घंटे बिजली दे रहे हैं। प्रमुख सचिव ने बाकी अफसरों से इसकी सच्चाई पूछी तो सबने चुप्पी साध ली। मनोरंजन कर अधिकारी ने कहा कि ज्यादातर घरों में डीटीएच लग हैं तो उन्हें आड़े हाथ लिया। कहा कि बहाने बनाना बंद करो। नगर निगम की हाउस टैक्स वसूली में आंकड़ों का खेल पकड़ा। पूछा कि नवंबर में उन्हें 7 करोड़ 41 लाख रुपये की टैक्स वसूली बताई गई थी और अब 21 करोड़ रुपये दर्शा रहे हो। दो महीने में 14 करोड़ रुपये की वसूली कैसे कर ली? नगर आयुक्त बैठक में नहीं थे, प्रमुख सचिव ने उन्हें वास्तविक स्थिति बताने के लिए तलब किया। बीएसए से बोले- और कामों को छोड़कर विभाग के जरूरी कामों में दिलचस्पी लिया करो। 15 फरवरी तक छात्रवृत्ति बंटवाने के निर्देश दिए।